‘पापा को मार दो, शालू का नाम ले लेना’… कानपुर दवा कारोबारी हत्याकांड में बेटे सुब्रत का कबूलनामा, बहू को मिली क्लीन चिट​

‘पापा को मार दो, शालू का नाम ले लेना’… कानपुर दवा कारोबारी हत्याकांड में बेटे सुब्रत का कबूलनामा, बहू को मिली क्लीन चिट​

Kanpur Vineet Minocha Murder Case: “5 सितंबर की रात मैंने विशाल और उसके साथी राजकिशोर से कहा था कि जब हम घर से निकल जाएं, तब तुम दोनों अंदर आ जाना. मैंने उन्हें घर की चाबी दी थी. विशाल ने उससे एक डुप्लीकेट चाबी बनवाई थी. मैंने विशाल से कहा था कि जब पापा घर आएं, तब तुम दोनों मेरे कमरे में छिपे रहना. जब वह खाना खाकर सो जाएं, तब एक व्यक्ति उनके पैर पकड़ना और दूसरा तकिए से उनका मुंह दबाकर उनकी हत्या कर देना. मेरे पापा के कई महिलाओं से अवैध संबंध थे. मुझे हमेशा ये डर रहता था कि कहीं पापा किसी दूसरी महिला से शादी कर उसको घर न ले आएं. मुझे अपनी प्रॉपर्टी जाने का भी डर था.”

“मेरे ऊपर 40 लाख रुपए का कर्ज है. हर महीने 55 हजार रुपए की किस्त जाती है. पापा हर महीने खर्च के लिए मुझे करीब 40 हजार रुपए देते थे. किस्त के पैसे कम पड़ने पर मैं नया लोन लेकर पुराना भुगतान करता था या क्रेडिट कार्ड स्वैप करके पैसे जुटाता था. दुकान से माल चोरी करवाकर भी कुछ पैसों का इंतजाम करता था. इस काम में विशाल मेरी मदद करता था. विशाल दुकान में नहीं आता था, बल्कि माल मैं ही बाहर पहुंचा देता था.”

“पापा की हत्या की योजना मैंने करीब 34 महीने पहले बनाई थी. योजना बनाते समय ही मैंने विशाल को इसके बारे में बता दिया था. विशाल से मेरी डील हुई थी कि उसका जितना भी कर्ज है, उसे धीरेधीरे चुकता कर देंगे. इसके बदले उसे दो लाख रुपए देने थे. विशाल ने यह भी कहा था कि एक्सीडेंट करवाकर हत्या की जा सकती है, लेकिन उसमें पकड़े जाने का डर था. इसके बाद तकिए से मुंह दबाकर हत्या करने की योजना को अंतिम रूप दिया गया. हमें लगा था कि इस तरीके से किसी को शक नहीं होगा.”

“किटी पार्टी वाली रात मैंने विशाल से कहा था कि उस रात घर पर कोई नहीं होगा. घर का कैमरा भी बंद है और उसकी रिकॉर्डिंग मैंने बंद कर रखी है. तुम लोग मेरे कमरे में जाकर छिप जाना. जब पापा घर आएं तो पहले उन्हें खानापीना खा लेने देना. इसके बाद जब वह अपने कमरे में सोने चले जाएं, तब उनकी हत्या कर देना और वहां से निकल जाना. मैं अगले दिन सुबह घर आऊंगा और रिश्तेदारों को बता दूंगा कि यह नेचुरल डेथ है. मैं कह दूंगा कि रात में वह सोए थे और सुबह उठे ही नहीं. मैंने विशाल से यह भी कहा था कि अगर तुम लोग पकड़े जाओ तो मेरा नाम मत लेना और शालू का नाम ले लेना. शालू का इस हत्या की साजिश में कोई रोल नहीं है…” यह कहना है कानपुर के दवा व्यापारी विनीत मिनोचा के बेटे सुब्रत मिनोचा का, जिसने पुलिस के सामने विनीत मिनोचा की हत्या करवाने की बात कबूल की.

बता दें कि कानपुर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र में 5 सितंबर को हुए दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. पुलिस के मुताबिक, विनीत की हत्या की साजिश उनके बेटे सुब्रत ने ही रची थी. जांच में उसकी भूमिका सामने आने के बाद पुलिस ने सुब्रत को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं, हत्या की साजिश में आरोपी बनाकर जेल भेजी गई विनीत की बहू शालू को पुलिस ने निर्दोष मानते हुए क्लीन चिट दे दी है.

बहू को फंसाने के लिए रची गई थी साजिश

कानपुर पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि जांच के दौरान सामने आए साक्ष्यों और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर हत्या की साजिश में सुब्रत की भूमिका सामने आई है. पुलिस का कहना है कि शालू को हत्या के मामले में फंसाने के उद्देश्य से पूरी साजिश रची गई थी. पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान जेल से लाए गए नौकर विशाल, राजकिशोर और सुब्रत से पूछताछ की गई. पुलिस ने कई बार आरोपियों को आमनेसामने बैठाकर सवालजवाब किए. इसी दौरान हत्या के पीछे की साजिश से जुड़े कई तथ्यों का पता चला.

18 दिन बाद पत्नी के सामने आया सुब्रत

बुधवार दोपहर करीब 12:20 बजे पुलिस को आरोपियों की 24 घंटे की कस्टडी रिमांड मिली थी. इसके बाद पुलिस ने देर रात तक तीन राउंड में शालू और सुब्रत का आमनासामना कराया. पुलिस के मुताबिक, करीब 18 दिन बाद अपने पति सुब्रत को सामने देखकर शालू भावुक हो गई और रोते हुए उससे पूछा “तुम मुझे क्यों फंसाना चाहते हो?” इस दौरान सुब्रत चुप रहा. पुलिस ने उससे 20 से ज्यादा सवाल किए. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। पूछताछ के दौरान उसके जवाबों में विरोधाभास मिलने के बाद पुलिस का शक और गहरा गया.

बेटे ने पिता पर लगाए गंभीर आरोप

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में सुब्रत ने हत्या की साजिश में अपनी भूमिका कबूल की है. उसने अपने पिता विनीत मिनोचा को लेकर कई आरोप भी लगाए. सुब्रत का कहना था कि उसके पिता अय्याशी करते थे और महिलाओं पर पैसे खर्च करते थे, लेकिन उसे पैसे नहीं देते थे. हालांकि, पुलिस की जांच में सुब्रत के बारे में अलग जानकारी सामने आई. पुलिस के अनुसार, सुब्रत खर्चीले स्वभाव का था. उसे नशे और जुए की लत थी और उस पर करीब 40 लाख रुपए का कर्ज भी था. पुलिस अब हत्या की साजिश के पीछे आर्थिक कारणों समेत दूसरे पहलुओं की भी जांच कर रही है.

5 सितंबर को फ्लैट में हुई थी हत्या

दरअसल, 5 सितंबर की रात इंद्रानगर स्थित फ्लैट में दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की चाकुओं से हत्या कर दी गई थी. घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और विनीत की पत्नी शालू, पुराने नौकर विशाल और उसके साथी राजकिशोर को गिरफ्तार किया था. अब पुलिस की जांच में बेटे सुब्रत की भूमिका सामने आने के बाद उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर शालू को हत्या की साजिश में शामिल नहीं पाया गया है. उसे इस मामले में क्लीन चिट दी गई है. पुलिस अब हत्या की पूरी साजिश, पैसे के लेनदेन और आरोपियों की भूमिका को लेकर आगे की जांच कर रही है.

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