भूत का शक, महामृत्युंजय जाप, चार कत्ल… पूजा के बीच पत्नी, बेटे, दो पंडितों को मारी गोली, कातिल भी मारा गया, पढ़िए हत्याकांड की पूरी स्टोरी

भूत का शक, महामृत्युंजय जाप, चार कत्ल… पूजा के बीच पत्नी, बेटे, दो पंडितों को मारी गोली, कातिल भी मारा गया, पढ़िए हत्याकांड की पूरी स्टोरी
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Azamgarh Murder Case: आजमगढ़ l उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ हत्याकांड ने सभी को हैरान कर दिया है. मंगलवार शाम को एक शख्स ने पत्नी, बेटे और दो पुजारियों की गोली मारकर हत्या कर दी. फिर पकड़े जाने के डर से अपने 3 बच्चों को कमरे में बंधक बना लिया और एक बच्चे की भी जान ले ली. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। जिसके बाद पुलिस ने उसका एनकाउंटर कर दिया है.

क्या है पूरा मामला

पूरा मामला जिला मुख्यालय से 50 किमी दूर अहिरौला थाना क्षेत्र का है. वारदात मंगलवार शाम करीब 6 बजे की है. मृतकों में आरोपी अरविंद सिंह (42), पत्नी बबीता सिंह (40), बेटा शौर्य (9), पंडित महेंद्र पाठक (60) और छितौना भटौली गांव के अखिलेश मिश्रा (55) शामिल है.

परिवार को था भूत का शक

जानकारी के मुताबिक़, परिवार को शक था कि आरोपी को उसके भाई सुनील की आत्मा परेशान कर रही है. बालासाहेब ठाकरे के जनसंपर्क अधिकारी (PRO) थे. जिसकी 2018 में अरविंद के चचेरे भाइयों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. इसलिए उसकी पत्नी और मां समला देवी (70) घर में महामृत्युंजय जाप करा रही थीं.

घर में कराई जा रही थी पूजा

पूजा 4 दिन से चल रही थी. जिससे आरोपी नाराज था. सोमवार को भी उसने पूजा न करने की चेतावनी दी थी. मंगलवार को पूर्णाहुति थी. जिसमे आरोपी की पत्नी माँ बच्चे और तीन पंडित उनके पुत्र हिमांशु मिश्रा और एक अन्य पंडित पूजा करा रहे थे. महामृत्युंजय जाप करा जा रहा था. तभी आरोपी आया और पंडितों से आधार कार्ड मांगना शुरू कर दिया.

गुस्से में आरोपी ने मारी गोली

बहस बढ़ने पर लाइसेंसी राइफल निकाल लाया और फायरिंग शुरू कर दी. जिसमे पत्नी और दो पंडितों की मौत हो गयी. गोलीबारी की आवाज सुनकर आसपास के लोग आये. भीड़ को आता देख आरोपी अरविंद ने खुद को तीन बच्चों के साथ कमरे में कैद कर लिया. पड़ोसियों ने इसकी सूचना पुलिस को दी. सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और कार्रवाई शुरू की.

एनकाउंटर में मारा गया आरोपी

आजमगढ़ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ अनिल कुमार ने जानकारी देते हुए बताया, आरोपी अरविंद अपने 3 बच्चों सहित कमरे में बंद हो गया था जिसे बाहर निकालने का प्रयास किया गया. उसे चेतावनी भी दी गयी लेकिन इसके बाद भी उसने अपने एक बच्चे को गोली मार दी गई.

जिसके बाद बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस ने जवाबी फायरिंग की जिसमें आरोपी अरविंद घायल हो गया. आरोपी और घायल बच्चे को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई. जबकि दो बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया.

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