Rampur Fake Encounter : फर्जी मुठभेड़ मामले में तत्कालीन एसपी शगुन गौतम की फिर खुली फाइल, पीड़ित व्यापारी की बेटी के बयान दर्ज, जानें पूरा मामला

Rampur Fake Encounter : फर्जी मुठभेड़ मामले में तत्कालीन एसपी शगुन गौतम की फिर खुली फाइल, पीड़ित व्यापारी की बेटी के बयान दर्ज, जानें पूरा मामला
Rampur Fake Encounter : फर्जी मुठभेड़ मामले में तत्कालीन एसपी शगुन गौतम की फिर खुली फाइल, पीड़ित व्यापारी की बेटी के बयान दर्ज, जानें पूरा मामला

रामपुर, अमृत विचार : आईपीएस शगुन गौतम पर शासन का शिकंजा कसता जा रहा है। रामपुर के चर्चित फर्जी मुठभेड़ में दोषी पाए गए तत्कालीन एसपी शगुन गौतम की शासन के आदेश पर एक बार फिर जांच शुरू हो गई है। मामले में पीड़ित व्यापारी की बेटी के बयान दर्ज किए गए हैं जबकि व्यापारी को भी बयानों के लिए भी डीआईजी कार्यालय बुलाया गया है।

छह अप्रैल 2021 को मिलक कोतवाली पुलिस ने खुलासा किया था कि उसने दो दिन पहले भैंसोड़ी गांव के पास शराब से भरा कैंटर पकड़ा था, जिसमें 32 लाख की शराब भरी थी। पुलिस ने व्यापारी संजीव गुप्ता पुत्र ओमप्रकाश गुप्ता निवासी मौहल्ला कृष्णाविहार कालोनी ज्वालानगर समेत कई की गिरफ्तारी भी दिखाई थी।

जेल से आने के बाद व्यापारी संजीव गुप्ता ने मुख्यमंत्री से शिकायत की। जिसमें उन्होंने प्रार्थना पत्र के साथ सभी साक्ष्य लगाते हुए आरोप लगाया कि यह सब एसपी शगुन गौतम के इशारे पर हुआ है। उनसे दस लाख रुपये भी लिए गए हैं और फर्जी मुठभेड़ में भी बंद किया।

डीआईजी मुरादाबाद ने जब इसकी जांच की तो मुठभेड़ भी फर्जी पाई गई और केस की विवेचना में भी पुलिस की भूमिका संदिग्ध मिली। जिस पर तत्कालीन डीआईजी शलभ माथुर ने एसपी को अग्रेत्तर विवेचना के आदेश दिए देते हुए कार्रवाई को कहा था।

तत्कालीन एसपी अशोक शुक्ला ने इस मामले में दोषी कई पुलिस वालों को दंडित किया था, साथ ही आरोपी एसपी शगुन गौतम पर फैसला लेने के लिए पत्रावली शासन को भेज दी थी। जिसमें तत्कालीन डीआईजी शलभ माथुर ने भी शासन से कार्रवाई की संस्तुति की थी। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। अब शासन ने अपने स्तर से इस मामले में फिर से जांच शुरू करा दी है।

13 जुलाई को बयान हुए दर्ज

चर्चित प्रकरण की जांच शासन ने पुलिस महानिरीक्षक महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन, लखनऊ सुभाष चंद्र दुबे को सौंपी है। आईजी सुभाष चंद्र दुबे ने इस मामले में व्यापारी संजीव गुप्ता और उनकी बेटी को बयानों के लिए 13 जुलाई को बुलाया था। व्यापारी संजीव गुप्ता ने बताया कि मेरा स्वास्थ्य खराब होने के चलते मैं अपने बयान दर्ज नहीं करा पाया हूं लेकिन, इस मामले में मेरी बेटी ने बयान दर्ज कराए हैं। साथ ही संबंधित साक्ष्य भी सौंप दिए हैं।

व्यापारी संजीव ने मांगी सुरक्षा

चर्चित प्रकरण में शासन को प्रत्यावेदन देकर व्यापारी संजीव गुप्ता ने जान को खतरा बताया है। उन्होंने कहा है कि तत्कालीन एसपी रामपुर शगुन गौतम का हमारे मामले को लेकर प्रमोशन तक शासन ने होल्ड कर रखा है। आरोप है कि द्वेष के चलते वह कुछ भी करा सकते हैं। संजीव गुप्ता ने जान का खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की है।

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