
अमेठी: औद्योगिक क्षेत्र कमरौली के रोड नंबर4 स्थित शिव शक्ति अस्पताल में इलाज के दौरान लखनऊ हाईकोर्ट के अधिवक्ता तरुण कुमार ओझा की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही तथा समय पर रेफर न करने का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। हालात को देखते हुए मौके पर तीन थानों की पुलिस तैनात करनी पड़ी। मामले की जांच के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी है।
समय पर रेफर न करने का आरोप
परिजनों के मुताबिक, अशरफपुर चिलौली निवासी तरुण कुमार ओझा का इलाज शिव शक्ति अस्पताल में चल रहा था। उनका कहना है कि मरीज की प्लेटलेट्स काफी कम थीं और हालत लगातार बिगड़ रही थी, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने समय रहते उन्हें किसी उच्च चिकित्सा संस्थान के लिए रेफर नहीं किया। आरोप है कि इसी दौरान इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
मौत के बाद अस्पताल में हंगामा
मृत्यु की सूचना मिलते ही अस्पताल परिसर में परिजन और शुभचिंतक बड़ी संख्या में पहुंच गए। उन्होंने चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते रेफर किया जाता तो उनकी जान बचाई जा सकती थी।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस मौके पर पहुंची और एहतियात के तौर पर तीन थानों की पुलिस फोर्स अस्पताल में तैनात रही।
हाईकोर्ट में थे अधिवक्ता
तरुण कुमार ओझा लखनऊ हाईकोर्ट में अधिवक्ता के रूप में कार्यरत थे। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। उनका विवाह नहीं हुआ था। वह तीन भाईबहनों में दूसरे स्थान पर थे। परिवार में बड़े भाई वरुण ओझा, छोटे भाई अरुण ओझा और बहन रश्मि ओझा हैं। उनके पिता नंद कुमार ओझा पुलिस विभाग से सेवानिवृत्त हैं। अधिवक्ता की असमय मृत्यु से परिवार में शोक का माहौल है।
CMO ने गठित की जांच समिति
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार अधिवक्ता लीवर संबंधी बीमारी से पीड़ित थे। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच के लिए डॉ. पी.के. उपाध्याय, प्रदीप तिवारी और डॉ. शरद चंद्रा की तीन सदस्यीय जांच समिति बनाई गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई
थानाध्यक्ष मुकेश पटेल ने बताया कि मामले में तहरीर प्राप्त हुई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।