Quick Samachar: आईसीसी महिला टी20 वर्ल्ड कप में भारत ने पहली बार 200 से ज्यादा का स्कोर बनाया। शेफाली वर्मा ने अपने चौथे टी20 वर्ल्ड कप में पहला अर्धशतक लगाया और भारतने नीदरलैंड्स को 95 रन से हराकर टूर्नामेंट में लगातार दूसरी जीत दर्ज की। जीत के अंतर और ग्रुप A की अंक तालिका में शीर्ष स्थान को देखते हुए भारत के विश्व कप अभियान की शुरुआत शानदार दिख रही है।
शेफाली वर्मा ने बुधवार 17 जून की रात 38 गेंद में 55 रन बनाए और टीम की बल्लेबाजी में एक कमी पूरी की। पिछले कुछ महीनों में टीम की लगभग सभी बैटर्स रन बना रही हैं, लेकिन पाकिस्तान और नीदरलैंड्स भारत के ग्रुप की कमजोर टीमों में शामिल हैं। हालांकि, ऐसा लगता है कि टूर्नामेंट शुरू होने से पहले भारत की जो कुछ समस्याएं थीं, वे अब भी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं।
अब भारत के अगले तीन मुकाबलों में से दो में उसका सामना मजबूत टीमों से होगा। इनमें लगातार फाइनल खेलने वाली दक्षिण अफ्रीका और छह बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया शामिल है। यही मुकाबले भारत के सेमीफाइनल की राह तय करेंगे। नीदरलैंड्स के खिलाफ भारत का सामना एक ऐसी टीम से था, जो पहली बार वर्ल्ड कप खेल रही है और जिसने हजारों दर्शकों के सामने बहुत कम मैच खेले हैं।
बुधवार को हेडिंग्ले में सिर्फ 9155 दर्शक मौजूद थे। स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने 11 ओवर से पहले ही शतकीय साझेदारी पूरी की। इसमें नीदरलैंड्स की खराब फील्डिंग और अतिरिक्त रनों का भी बड़ा योगदान रहा। अगर 11वें ओवर में कवर की दिशा में गया शेफाली वर्मा का कैच पकड़ लिया जाता तो टी20 वर्ल्ड कप में बिना अर्धशतक की उनकी लगातार पारियां की संख्या 16 तक पहुंच जातीं, लेकिन कैच छूट गया।
इससे दो ओवर पहले भारत को इसाबेल वैन डर वोनिंग की गेंदबाजी से तीन वाइड और एक नोबॉल मिली थी। पावरप्ले के आखिरी ओवर में माइर्थे वैन डर राड ने अपनी लाइन पूरी तरह खो दी और छह वाइड कर दीं। एक समय स्मृति मंधाना ने सही गेंद डालने पर उनकी तारीफ भी की। कुल मिलाकर भारत के 96 रनों में से 14 रन अतिरिक्त के जरिये आये।
भारतीय पारी कभी भी पूरी तरह पटरी से नहीं उतरी, लेकिन स्मृति मंधाना और जेमिमा रोड्रिग्स के लगातार 2 गेंद पर आउट होने के बाद थोड़ी परेशानी जरूर हुई। अंतिम 23 गेंद के लिए क्रीज पर दो नई बैटर्स थीं। कप्तान हरमनप्रीत कौर के अनुसार, इस पिच पर बैटिंग करना ‘इतना आसान नहीं’ था।
भारत 162 रन पर 3 विकेट के साथ आखिरी ओवरों में तेजी से रन बनाकर नीदरलैंड्स के खिलाफ बड़ा स्कोर खड़ा करना चाहता था, लेकिन आखिरी ओवरों में भारत मुश्किल में पड़ सकता था, क्योंकि 6 गेंद में 3 विकेट गिरने की स्थिति बन गई थी। ऋचा घोष ने मिड ऑफ की तरफ एक आसान कैच दिया, लेकिन फिबे मोल्कोनबोयर उसे पकड़ नहीं पाईं।
इसके बाद ऋचा घोष ने अगली 7 गेंद में 19 रन बनाए। उन्हें 16 रन पर भी जीवनदान मिला। लगातार दूसरे मैच में भारत को आखिरी ओवरों में तेजी देने के लिए ऋचा घोष पर निर्भर रहना पड़ा। नंबर5 की बैटर से भी योगदान की उम्मीद थी, लेकिन वह जिम्मेदारी पूरी तरह नहीं निभा पाईं।
पाकिस्तान के खिलाफ नंबर5 पर उतरी भारती फुलमाली सिर्फ तीन गेंद खेल पाईं और बड़ा शॉट लगाने की कोशिश में आउट हो गईं। तीन दिन बाद भारत ने भारती फुलमाली को बाहर किया और यास्तिका भाटिया को मौका दिया, लेकिन वह भी सिर्फ चार गेंद खेलकर स्टम्प आउट हो गईं।
भारत ने अगर अंतिम ओवरों में 6 गेंदों के अंदर 3 विकेट नहीं गंवाए होते तो ओपनर्स द्वारा दी गई शानदार शुरुआत के बाद टीम इससे भी बड़ा स्कोर बना सकती थी। नीदरलैंड्स के कोच नील मैकरे ने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि आखिरी स्कोर से यह पता चले कि हमने कितना मुकाबला किया।
नील ने कहा, ‘‘उनके पास खूबसूरत शॉट लगाने वालीं कुछ शानदार बैटर हैं। सपाट पिच पर उन्हें रोकना मुश्किल था, लेकिन अंतिम 67 ओवरों में हमने वापसी की, जब स्कोर 230 से 240 तक जा सकता था। हमने उन्हें एक हद तक रोक लिया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने जरूरत से ज्यादा अतिरिक्त रन दिए और इसी वजह से उनका स्कोर 200 के पार पहुंच गया।’’
यह कहना शायद छोटी बातों पर ध्यान देना लगे कि भारत ने इतना अच्छा खेल दिखाकर 200 से ज्यादा रन बनाए और बड़ी जीत हासिल की, लेकिन अगर इस जीत की तुलना हेडिंग्ले में हुए पिछले मुकाबले से करें तो भारत को लगेगा कि वह उतना आक्रामक नहीं था, जितना बांग्लादेश के खिलाफ ऑस्ट्रेलियाई टीम थी।
ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश को सिर्फ 77 रन पर रोक दिया था। हालांकि, उस मैच में सुबह गेंदबाजों को ज्यादा मदद मिली थी। फिर भी भारत का प्रदर्शन उस स्तर का नहीं दिखा। ऐसा लग रहा था भारत जैसे नीदरलैंड्स के पावरप्ले में 39 रन बनाने के बाद विकेट लेने के लिए ज्यादा कोशिश कर रहा था। इसमें 6 चौके भी शामिल थे। किम गार्थ ने जहां पावरप्ले में शानदार गेंदबाजी का उदाहरण पेश किया। वहीं भारत की तेज गेंदबाजों ने कई बार पैड पर गेंद डाली या छोटी गेंदें कीं, जिससे रन बने।
जब बैबेटे डी लीडे ने क्रांति गौड़ की गेंद पर स्कूप शॉट खेला और रोबिन राइके ने शेफाली वर्मा की गेंद पर रिवर्स स्वीप लगाया, तब भारत मैच पर पूरी तरह नियंत्रण में नहीं था, खासकर नीदरलैंड्स की पारी के शुरुआती हिस्से में। अब रविवार 21 जून को मजबूत दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मुकाबला है। उस मैच में भारत को अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाना होगा।
हरमनप्रीत कौर की अगुआई वाली भारतीय महिला टीम को यह बात अच्छी तरह याद होगी कि 2024 वर्ल्ड कप में न्यूजीलैंड के खिलाफ शुरुआती हार ने उसके अभियान को काफी नुकसान पहुंचाया था और टीम नॉकआउट में नहीं पहुंच पाई थी। अगर भारत टी20 में भी विश्व चैंपियन बनना चाहता है तो उसे जल्द से जल्द अपनी पूरी क्षमता के साथ खेलना शुरू करना होगा।
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