Apple को हो सकता है अरबों डॉलर का नुकसान, आखिर क्यों फीकी पड़ी कंपनी की चमक?

Apple को हो सकता है अरबों डॉलर का नुकसान, आखिर क्यों फीकी पड़ी कंपनी की चमक?

शुक्रवार को Apple के शेयरों की कीमत करीब 10% गिर गई. इसकी वजह कंपनी का कमजोर अनुमान है. Apple को iPhone बनाने के लिए जरूरी सामान जुटाने में परेशानी हो रही है, क्योंकि AI से जुड़े बड़े डेटा सेंटरों की बढ़ती मांग के कारण दुनिया में सामान की सप्लाई कम हो गई है.अगर यह गिरावट जारी रहती है, तो यह मार्च 2020 के बाद Apple के शेयरों की सबसे बड़ी गिरावट हो सकती है. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। इससे कंपनी की कुल कीमत में करीब 500 अरब डॉलर की कमी आ सकती है और दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी का खिताब फिर से Nvidia को मिल सकता है.

Apple को हो सकता है अरबों डॉलर का नुकसान, आखिर क्यों फीकी पड़ी कंपनी की चमक?

500 अरब डॉलर की कमी आ सकती है

अगर यह गिरावट बनी रहती है तो यह मार्च 2020 में कोरोना महामारी के कारण आई बड़ी गिरावट के बाद Apple के शेयरों का सबसे खराब दिन हो सकता है. इससे कंपनी की मार्केट वैल्यू में करीब 500 अरब डॉलर की कमी आ सकती है. इसके साथ ही दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी का ताज दोबारा AI चिप बनाने वाली कंपनी के पास जा सकता है.

Apple के CEO Tim Cook ने सप्लाई की इस समस्या को बहुत बड़ी चुनौती बताया है. उन्होंने कहा कि कंपनी के पास इसे संभालने के विकल्प सीमित हैं. यह Tim Cook की CEO के तौर पर आखिरी कमाई रिपोर्ट कॉल थी. सितंबर में वह पद छोड़कर एग्जीक्यूटिव चेयरमैन बन जाएंगे और John Ternus CEO की जिम्मेदारी संभालेंगे.टेक विशेषज्ञों का कहना है कि अगर Apple जैसी बड़ी कंपनी भी सप्लाई की कमी से परेशान है, तो इसका असर पूरी टेक इंडस्ट्री पर पड़ सकता है.

AI की बढ़ती मांग से बढ़ा सप्लाई दबाव

बड़ी टेक कंपनियां अपने डेटा सेंटर के लिए एडवांस चिप और मेमोरी चिप की भारी मात्रा में खरीदारी कर रही हैं. इसके कारण चिप की उपलब्धता कम हो रही है और कीमतें भी बढ़ रही हैं. इसका असर इस साल कंप्यूटर और स्मार्टफोन बाजार पर पड़ने की संभावना है.

Apple ने बढ़ती मेमोरी कीमतों के असर को कम करने के लिए अपने पुराने स्टॉक का इस्तेमाल किया था, लेकिन Tim Cook के मुताबिक अब यह स्टॉक कम हो रहा है. प्रोसेसर की कमी के कारण कंपनी iPhone और Mac की बढ़ती मांग को पूरी तरह पूरा नहीं कर पा रही है.

कमजोर रेवेन्यू अनुमान से बढ़ी चिंता

Apple ने गुरुवार को मौजूदा तिमाही के लिए रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान 9% से 11% के बीच बताया, जबकि बाजार विशेषज्ञों को करीब 12% ग्रोथ की उम्मीद थी. इसके अलावा सर्विस बिजनेस की धीमी रफ्तार ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ा दी.

सर्विस बिजनेस में App Store, Apple Music और Apple TV जैसी सेवाएं शामिल हैं. खास बात यह है कि iPhone की बिक्री मजबूत रहने के बावजूद सर्विस से होने वाली कमाई में कमजोरी आई है.

iPhone की कीमत बढ़ने का असर?

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सितंबर में आने वाले नए iPhone मॉडल की कीमत बढ़ती है, तो इसका असर बिक्री पर पड़ सकता है. हालांकि कुछ विश्लेषकों का कहना है कि Apple पहले भी कीमतें बढ़ा चुका है और इससे हमेशा मांग पर बड़ा असर नहीं पड़ा है.इसके अलावा Klarna के साथ Apple की हालिया डिवाइस लीजिंग सुविधा भी ग्राहकों पर बढ़ी कीमतों का दबाव कम कर सकती है.

विश्लेषकों ने घटाए शेयर टारगेट

कम से कम चार ब्रोकरेज कंपनियों ने Apple के शेयर प्राइस टारगेट को कम किया है, जबकि तीन कंपनियों ने इसे बढ़ाया है. LSEG के आंकड़ों के अनुसार अब औसत अनुमान 330 डॉलर प्रति शेयर पर आ गया है, जो पिछले बंद भाव से करीब 3 डॉलर कम है.हालांकि, गुरुवार तक Apple के शेयर इस साल 22.7% तक बढ़ चुके थे, लेकिन कमजोर आउटलुक ने निवेशकों के बीच चिंता जरूर बढ़ा दी है.

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