
डिजिटल डेस्क, लखनऊ। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बुधवार को हुई महत्वपूर्ण बैठक में राम मंदिर की पूजापाठ व्यवस्था और ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में मंदिर की धार्मिक व्यवस्था के लिए गठित ‘धार्मिक समिति’ का पुनर्गठन करते हुए उसमें अयोध्या के पांच संतों समेत कुल नौ सदस्यों को शामिल करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही ट्रस्ट ने प्रवक्ता और सचिव नियुक्त करने, सीईओ चयन प्रक्रिया को एक माह का अतिरिक्त समय देने तथा पुजारियों के प्रशिक्षण के लिए स्थायी पाठशाला शुरू करने का भी फैसला किया। ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन और कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने बैठक के बाद पत्रकारों को इसकी जानकारी दी।
सीईओ चयन प्रक्रिया को मिला एक माह का अतिरिक्त समय
कृष्ण मोहन ने बताया कि ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पद के लिए बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं। आवेदन अधिक होने के कारण चयन समिति ने प्रक्रिया पूरी करने के लिए एक माह का अतिरिक्त समय मांगा, जिसे ट्रस्ट ने मंजूरी दे दी। सीईओ की नियुक्ति में हो रही देरी को देखते हुए ट्रस्ट ने एक सचिव नियुक्त करने का भी निर्णय लिया है।
सावन की तैयारियों और प्रशासनिक व्यवस्था की समीक्षा
बैठक में सावन माह के दौरान राम मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संभावित बढ़ती संख्या को देखते हुए तैयारियों की समीक्षा की गई। इसके अलावा ट्रस्टियों के रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया, प्रशासनिक और वित्तीय मामलों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
बैंक की कार्यप्रणाली पर जताई नाराजगी
अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने बताया कि हाल में सामने आई अनियमितताओं के बाद ट्रस्टी मंडल ने बैंक की प्रक्रिया और गंभीरता के अभाव पर निराशा व्यक्त की है। ट्रस्ट की वित्त समिति को बैंक के साथ संबंधों और मानक प्रक्रियाओं की समीक्षा कर उचित निर्णय लेने के निर्देश दिए गए हैं।
मीडिया संवाद के लिए नियुक्त होगा आधिकारिक प्रवक्ता
कृष्ण मोहन ने बताया कि समाज और मीडिया के साथ नियमित संवाद बनाए रखने की आवश्यकता को देखते हुए ट्रस्ट ने एक आधिकारिक प्रवक्ता नियुक्त करने का निर्णय लिया है। वहीं ट्रस्टियों के रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है, जिसे पूरा होने में अभी कुछ और सप्ताह लग सकते हैं।
श्रद्धालुओं की आस्था पहले जैसी कायम: ट्रस्ट
ट्रस्ट ने दावा किया कि विभिन्न आरोपों और दुष्प्रचार के बावजूद श्री राम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में कोई कमी नहीं आई है। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। ट्रस्ट के अनुसार यह करोड़ों राम भक्तों की अटूट आस्था और विश्वास का प्रमाण है। ट्रस्ट ने संत समाज, देशविदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और अयोध्यावासियों के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
धार्मिक समिति में शामिल किए गए पांच संत
कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने बताया कि मंदिर के सभी धार्मिक कार्यों का दायित्व पुनर्गठित धार्मिक समिति को सौंपा गया है। समिति में अयोध्या के पांच संत शामिल किए गए हैं
- महंत कमल नयन दास
- स्वामी रामानंद जी महाराज
- राजकुमार दास जी महाराज
- स्वामीन मिथिलेश नंदनी शरण जी महाराज
- स्वामी दिनेंद्र राज महाराज
उन्होंने बताया कि उनकी अध्यक्षता वाली इस समिति में उनके अलावा तीन अन्य सदस्य भी होंगे।
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