
बाराबंकी, अमृत विचार। तेजी से बढ़ने के बाद सरयू नदी के जलस्तर में ठहराव आ गया है। नदी के स्थिर होने से तराईवासियों ने राहत की सांस ली है। हालांकि रामसनेहीघाट तहसील क्षेत्र में गांवों में घुसे पानी ने दिनचर्या पर असर डाल रखा है। शुक्रवार को प्रशासन ने प्रभावित परिवारों में लंच पैकेट का वितरण कराया।
रामसनेहीघाट प्रतिनिधि के अनुसार सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर से प्रभावित रामसनेहीघाट तहसील के गांवों में राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं। शुक्रवार को जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीएम रामसनेहीघाट बृजेंद्र उपाध्याय ने तहसीलदार शशांक नाथ उपाध्याय, नायब तहसीलदार सूर्यपुर उमेश प्रसाद द्विवेदी तथा राजस्व टीम के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया।
अधिकारियों ने ग्रामीणों से संवाद कर सुनीं समस्याएं
अधिकारियों ने ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और राहत कार्यों का जायजा लिया। प्रशासनिक टीम ने कोयलावर, ढेमा, टिकरी, गुनौली और जलालपुर तराई गांवों का दौरा किया। सरयू नदी की धाराओं के बीच बसे गुनौली और जलालपुर तराई में अधिकारी नाव के जरिए पहुंचे और कटान व जलभराव की स्थिति का निरीक्षण किया।
एसडीएम ने जलभराव वाले क्षेत्रों के लोगों से सुरक्षित स्थानों या बाढ़ शरणालयों में जाने की अपील की तथा राजस्व एवं विकास विभाग के कर्मचारियों को राहत कार्यों में पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए प्रशासन ने करीब 3,000 लंच पैकेट और पका हुआ भोजन वितरित कराया।