
बाराबंकी, अमृत विचार। सतरिख स्थित टीआरसी लॉ कॉलेज में एलएलबी एवं बीएएलएलबी के नवागत छात्रछात्राओं के लिए सोमवार को दीक्षारम्भ 202627 आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि स्थायी लोक अदालत बाराबंकी के अध्यक्ष अश्वनी कुमार त्रिपाठी, शासी निकाय अध्यक्ष डॉ. सुजीत चतुर्वेदी एवं प्राचार्य डॉ. अश्वनी कुमार गुप्ता ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। छात्र जितेन्द्र राज शाहू ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की।
प्राचार्य डॉ. अश्वनी कुमार गुप्ता ने विद्यार्थियों को मेहनत, अनुशासन और नैतिक मूल्यों के साथ विधि शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। शैक्षणिक समन्वयक डॉ. नवीन कुमार सिंह ने एलएलबी व बीएएलएलबी की शैक्षणिक संरचना, सीबीसीएस परीक्षा प्रणाली, उपस्थिति एवं क्रेडिट सिस्टम की जानकारी दी। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने छात्र आचार संहिता, एंटी रैगिंग नियमों और अनुशासन संबंधी जानकारी दी।
‘कानून की पढ़ाई से लीगल प्रोफेशनल बनने तक’ समझाया
मुख्य अतिथि अश्वनी कुमार त्रिपाठी ने ‘कानून की पढ़ाई से व्यक्तित्व विकास एवं लॉ स्टूडेंट से लीगल प्रोफेशनल बनने तक का सफर’ विषय पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता का कोई विकल्प नहीं, इसके लिए कठिन परिश्रम जरूरी है। डॉ. अविनाश मिश्रा ने विधि शिक्षा के बाद उपलब्ध करियर अवसरों की जानकारी दी। मूट कोर्ट कमेटी ने विधि के व्यावहारिक अनुभवों से अवगत कराया।
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए नि:शुल्क कोचिंग की घोषणा
शासी निकाय अध्यक्ष डॉ. सुजीत चतुर्वेदी ने नियमित कक्षा में उपस्थित रहने को सफलता का मूल मंत्र बताया और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए नि:शुल्क कोचिंग शुरू करने की बात कही। कार्यक्रम का संचालन डॉ. वीर विक्रम सिंह ने किया। इस मौके पर डॉ. दीपमाला श्रीवास्तव, डॉ. मंजय कुमार यादव, डॉ. अमजद अंसारी, डॉ. धर्मेन्द्र कुमार, रोहिणी त्रिपाठी, अंकित मिश्रा, वैशाली सिंह सहित छात्रछात्राएं मौजूद रहे।