
बाराबंकी। प्राथमिक विद्यालय में 7 वर्षीय छात्र की सर्पदंश से हुई मौत के बाद मामला तूल पकड़ गया है। परिजनों ने स्कूल स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल के बाहर शव रखकर प्रदर्शन किया। प्रशासन के आश्वासन के बाद परिजन शांत हुए, वहीं शिक्षा विभाग ने घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है।
शिकायत के बाद भी नहीं मिली मदद, छात्र की बिगड़ी हालत
मामला त्रिवेदीगंज ब्लॉक के देवगरपुर सहावर स्थित प्राथमिक विद्यालय का है। बढ़ईका पुरवा निवासी अशोक राजपूत का 7 वर्षीय बेटा अंशू कक्षा तीन का छात्र था। सोमवार को स्कूल परिसर में खेलते समय उसे किसी जहरीले जीव ने काट लिया। परिजनों का आरोप है कि अंशू ने स्कूल में मौजूद शिक्षामित्र को इसकी जानकारी दी, लेकिन उसकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया। कुछ देर बाद छात्र की हालत बिगड़ने लगी और उसके मुंह से झाग निकलने लगा। इसके बाद भी समय पर उपचार नहीं मिल सका।
अस्पताल पहुंचने से पहले गई जान, परिजनों में आक्रोश
सूचना मिलने पर परिजन स्कूल पहुंचे और छात्र को हैदरगढ़ अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने सर्पदंश की पुष्टि करते हुए उसे मृत घोषित कर दिया। बच्चे की मौत की खबर मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। उन्होंने स्कूल स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। मौके पर पहुंचे एसडीएम और सीओ ने कार्रवाई का आश्वासन देकर मामला शांत कराया।
स्कूल स्टाफ की भूमिका की होगी जांच
घटना के समय स्कूल में प्रधानाध्यापक और अन्य शिक्षकों की मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि घटना के बाद स्कूल परिसर में उगी झाड़ियों और घासफूस को आननफानन में हटवाया गया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी नवीन कुमार पाठक ने बताया कि मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।