
बरेली, अमृत विचार। बुधवार को मानसूनी बारिश से शहर तरबतर हो गया। उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली। हालांकि, जलनिकासी ठप होने से निचले व कई पॉश इलाकों में पानी भर गया। इसकी वजह से आवाजाही में लोगों को दिक्कत हुई। नगर निगम के नाला सफाई के दावे व मानसून से पहले की तैयारियों की पोल खुल गई।
सिकलापुर, कुतुबखाना, मढ़ीनाथ, पुराना शहर, हजियापुर के इलाकों में सड़कों पर पानी की वजह से दोपहिया वाहन चालकों को निकलने में मशक्कत करनी पड़ी। कई गाड़ियां बीच सड़क पर ही बंद हो गईं। नालों की समय पर सफाई न होने के कारण गंदा पानी कई घरों और दुकानों के भीतर तक घुस गया। जलभराव के कारण कई प्रमुख मार्गों पर जाम भी लगा।
सिकलापुर में थर्माकोल की नाव पर उतरे मासूम
जलनिकासी ठप होने से सिकलापुर में गलियां तालाब बन गईं। बच्चों ने विरोध दर्ज कराने का एक बेहद अनोखा तरीका अपनाया। बच्चे पानी से भरी गलियों में थर्माकोल के डिब्बों को नाव बनाकर उसमें बैठ गए। उनके हाथों में नगर निगम प्रशासन के खिलाफ तख्तियां थीं, जिन पर ””स्मार्ट सिटी का ड्रामा बंद करो””, ””जनता का पैसा, जनता को सुविधा कब,”” जैसे स्लोगन लिखे थे।
जलभराव के कारण रेंगते रहे वाहन
साहूकारा, सिकलापुर, गंगापुर, होली चौराहा रोड समेत शहर के प्रमुख मार्गों पर जलभराव के कारण राहगीरों और वाहन चालकों की जान जोखिम में पड़ गई। घुटनों तक पानी भर जाने के कारण कई बाइक और स्कूटी सवार गहरे गड्ढों में अनियंत्रित होकर गिर पड़े। पानी के बीच से गुजरने के चक्कर में दोपहिया वाहनों के साइलेंसर में पानी भर गया। जिसके चलते लोग अपनी गाड़ियों को गंदे पानी के बीच धक्का मारते हुए ले जाने को मजबूर दिखे।
धार्मिक स्थलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में घुसा पानी
पहली बारिश ने न केवल आम नागरिकों को बल्कि शहर के व्यापारियों को भी तगड़ा झटका दिया है। गंगापुर, सिकलापुर में मंदिर के चारों तरफ कई फीट पानी जमा हो गया, जिससे श्रद्धालुओं को जलभराव के बीच से होकर गुजरना पड़ा। यही नहीं, सड़क किनारे स्थित दर्जनों दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के बेसमेंट व शटर के नीचे से पानी अंदर घुस गया। दुकानदारों का कहना है कि नालियों का गंदा पानी और कीचड़ दुकानों में भरने से कीमती सामान खराब हो गया।
अभी तो सिर्फ ट्रेलर है, आगे भारी बारिश हुई तो डूब जाएगा शहर
स्मार्ट सिटी की पहली ही बारिश ने जिस तरह नगर निगम के दावों की हवा निकाली है, उससे शहरवासियों में आगामी मानसून को लेकर गहरा डर बैठ गया है। स्थानीय नागरिकों का साफ कहना है कि प्रीमानसून के नाम पर हुई यह चंद घंटे की बारिश सिर्फ एक ””ट्रेलर”” है। अगर आने वाले दिनों में मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक भारी बारिश हुई, तो पूरा शहर पानी में डूब जाएगा।