
बरेली, अमृत विचार। एमजेपी रहेलखंड विश्वविद्यालय के बहुभाषा अध्ययन केंद्र को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि मिली। मंडारिन भाषा की पढ़ाई करने वाली छात्रा अगम्या वर्मा ताइवान में अपना अध्ययन पूरा कर भारत लौटीं। खास बात ये की ताइवान सरकार ज्यादातर छात्रछात्राओं को इस पाठ्यक्रम में स्कॉलरशिप के तहत तीन महीने तक अध्ययन करने का मौका देती है, मगर अगम्या ने पूरे एक साल ताइवान में रहकर पढ़ाई की।
दरअसल, विश्वविद्यालय के बहुभाषा केंद्र में चार विदेशी भाषाओं फ्रेंच, जर्मन, स्पेनिश और मंडारिन का प्रशिक्षण दिया जाता है। मंडारिन भाषा के प्रशिक्षण के लिए विश्वविद्यालय में ताइवान से आई शिक्षिका चियाली चेन विवि परिसर में रहकर छात्रछात्राओं मंडारिन की शिक्षा दे रही हैं। विश्वविद्यालय के बीटेक इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग की छात्रा अगम्या वर्मा ने साल 2024 से प्रारंभ इस पाठ्यक्रम के तहत ताइवान सरकार से स्कॉलरशिप प्राप्त की। उन्होंने 1 साल तक ताइवान में रहकर अध्ययन किया। ताइवान में शिक्षा पूरी करने के बाद वह भारत लौटीं हैं। सोमवार को उन्होंने कुलपति प्रोफेसर केपी सिंह से मुलाकात की। अगम्या वर्मा ने कहा कि यह उपलब्धि विश्वविद्यालय प्रशासन, उनके शिक्षकों और विशेष रूप से कुलपति के मार्गदर्शन की बदौलत मिली है। विवि के कुलसचिव महेंद्र सिंह, छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रोफेसर विनय रिशिवाल, प्रोफेसर मनीष राय, प्रोफेसर एसके पांडेय, परीक्षा नियंत्रक डॉ. अनिल कुमार यादव ने भी उन्हें बधाई दी।