
बरेली, अमृत विचार। नाथनगरी के वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर गोस्वामी के पुत्र एडवोकेट वरुण गोस्वामी को उच्च न्यायालय की फुल कोर्ट ने वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में नामित किया है। उनकी उपलब्धि से बरेली में अधिवक्ता समाज के साथ परिवार और रिश्तेदारों में खुशी का माहौल है।
वरुण गोस्वामी ने प्रारंभिक शिक्षा हार्टमैन कॉलेज की थी। 1995 में उन्होंने बरेली कॉलेज से एलएलबी की डिग्री हासिल की। इसके बाद विधिक करियर की शुरुआत वर्ष बरेली जिला न्यायालय में पिता रामेश्वर गोस्वामी एडवोकेट के साथ की। फिर वह दिल्ली चले गए। 1996 से दिल्ली हाईकोर्ट तथा सर्वोच्च न्यायालय में दीवानी और आपराधिक मामलों की प्रभावी पैरवी कर रहे हैं। दिल्ली हाईकोर्ट में दिल्ली पुलिस के सरकारी अधिवक्ता के रूप में भी सेवाएं भी दीं। उन्होंने कई महत्वपूर्ण डेथ रेफरेंस मामलों में सरकार का पक्ष मजबूती से रखा। चर्चित सीरियल किलर चंद्रकांत झा उर्फ ”बुचर ऑफ दिल्ली” मामले में भी उन्होंने सरकार की ओर से अहम भूमिका निभाई। इस बहुचर्चित मामले पर आधारित वेब सीरीज ”बुचर ऑफ दिल्ली” भी नेटफ्लिक्स पर प्रसारित हो चुकी है। वरुण गोस्वामी ने सीनियर एडवोकेट बनने का श्रेय पिता के साथ दिवंगत वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव शर्मा, वरिष्ठ अधिवक्ता आर.सी. मिश्रा और वरिष्ठ अधिवक्ता इश्तियाक खान के मार्गदर्शन को दिया है। बड़ी संख्या में लोग उन्हें शुभकामनाएं दे रहे हैं।