
बरेली, अमृत विचार। परिवहन विभाग ने सड़क सुरक्षा अभियान के तहत एक इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 1.07 लाख का चालान किया और वाहन को सीज कर दिया। आरोप है कि चालक सहित चार लोगों की क्षमता वाले डेमो ईऑटो में अनधिकृत रूप से अतिरिक्त सीटें लगाकर उसे लगभग 1112 यात्रियों के संचालन योग्य बना दिया गया था। विभाग ने इसे सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताते हुए भविष्य में भी ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई जारी रखने की बात कही।
परिवहन विभाग द्वारा सड़क सुरक्षा एवं मोटर वाहन अधिनियम के प्रभावी प्रवर्तन के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत 29 जुलाई को सेटेलाइट बस अड्डे पर यात्रीकर/मालकर अधिकारी रमेश चंद्र प्रजापति ने चेकिंग के दौरान बिना पंजीयन चिह्न के संचालित एक इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा को पकड़ा। जांच में पता चला कि वाहन का अभी विक्रय और पंजीयन नहीं हुआ था।उसे कथित तौर पर डेमो वाहन के रूप में प्रचार के लिए चलाया जा रहा था। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि निर्माता द्वारा चालक सहित लगभग चार व्यक्तियों की क्षमता के लिए निर्मित और अनुमोदित वाहन में अतिरिक्त सीटें लगाकर उसकी यात्री क्षमता करीब 1112 लोगों तक बढ़ाने का प्रयास किया गया था।
परिवहन विभाग ने वाहन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक लाख 7 हजार 250 रुपये का चालान किया और वाहन को सीज कर दिया। चालान में बीमा, पंजीयन, कर और निर्माता/डीलर द्वारा अनधिकृत परिवर्तन सहित कई उल्लंघनों के आरोप दर्ज किए गए। बाद में डीलर द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच में पता चला कि चेन्नई स्थित वर्क मोटर्स प्राइवेट लिमिटेड ने कैरी वर्क मोबिलिटी, परसाखेड़ाको अपना अधिकृत डीलर नियुक्त किया है। उसे परिवहन कार्यालय से ट्रेड प्रमाणपत्र भी जारी किया गया है। जांच में आरोप सिद्ध होने के बाद डीलर ने निर्धारित प्रशमन शुल्क जमा कर वाहन को परिवहन कार्यालय से अवमुक्त करा लिया।
ये भी पढ़ें