CMO Clerk Rishwat: सीएमओ कार्यालय का बाबू रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, पेंशन फाइल पास कराने के नाम पर मांगे थे 50 हजार रुपए

CMO Clerk Rishwat: सीएमओ कार्यालय का बाबू रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, पेंशन फाइल पास कराने के नाम पर मांगे थे 50 हजार रुपए

CMO Clerk Rishwat: उत्तर प्रदेश के अमेठी में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के वरिष्ठ सहायक लिपिक संजय मिश्रा को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया।

CMO Clerk Rishwat: सीएमओ कार्यालय का बाबू रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, पेंशन फाइल पास कराने के नाम पर मांगे थे 50 हजार रुपए

पेंशन फाइल पास कराने के लिए मांगे थे 1.20 लाख रुपये

जानकारी के मुताबिक, स्वास्थ्य विभाग से सेवानिवृत्त एएनएम निर्मला तिवारी की पेंशन फाइल और अन्य लंबित भुगतान पास कराने के नाम पर संजय मिश्रा ने 1.20 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। निर्मला तिवारी के बेटे विशाल तिवारी ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन टीम से की। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। शिकायत के सत्यापन के बाद टीम ने ट्रैप की योजना बनाई।

50 हजार रुपये लेते ही दबोचा

शनिवार दोपहर एंटी करप्शन अयोध्या यूनिट की टीम पूर्व निर्धारित योजना के तहत CMO कार्यालय पहुंची। जैसे ही शिकायतकर्ता ने संजय मिश्रा को 50 हजार रुपये दिए, टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें रिश्वत की रकम के साथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए मुसाफिरखाना थाने ले जाया गया।

CMO कार्यालय में मचा हड़कंप

इस कार्रवाई की खबर फैलते ही CMO कार्यालय में अफरातफरी का माहौल बन गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, रिश्वत की मांग पेंशन फाइल और अन्य भुगतान से जुड़े कार्यों के लिए की गई थी।

क्या अकेला लिपिक था या और लोग भी शामिल?

फिलहाल जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस कथित रिश्वतखोरी में केवल लिपिक संजय मिश्रा की भूमिका थी या विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी इसमें शामिल थे। यदि जांच निष्पक्ष और विस्तृत हुई तो मामले में अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है।

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CMO ने कही यह बात

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंशुमन सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दे दी गई है। एंटी करप्शन टीम पूरे प्रकरण की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी।

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