कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने वित्त वर्ष 202526 में अब तक 8.3 करोड़ से ज्यादा दावों का निपटारा किया है. यह संख्या पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले काफी ज्यादा है. सरकार ने संसद में जानकारी देते हुए बताया कि अब EPFO क्लेम जमा करते समय कैंसिल चेक की फोटो या अटेस्टेड बैंक पासबुक अपलोड करने की जरूरत नहीं होगी.इस बदलाव से करीब 7 करोड़ EPFO सदस्यों को फायदा मिला है और ऑनलाइन क्लेम प्रक्रिया पहले से आसान हो गई है.

यह जानकारी केंद्रीय श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने राज्यसभा में एक लिखित जवाब के दौरान दी. उन्होंने यह जवाब 6 अगस्त को सांसद मीनाक्षी जैन के सवाल के जवाब में दिया.
EPFO क्लेम निपटाने की रफ्तार बढ़ी
सरकार के मुताबिक, वित्त वर्ष 202526 में ने कुल 8,30,94,388 दावों का निपटारा किया. वहीं, वित्त वर्ष 202425 में यह संख्या 6,01,59,608 थी. यानी एक साल में क्लेम निपटारे की संख्या में बड़ी बढ़ोतरी हुई है.
अब कैंसिल चेक अपलोड करने की जरूरत नहीं
श्रम मंत्रालय के अनुसार, अप्रैल 2025 से ने ऑनलाइन क्लेम के दौरान कैंसिल चेक की फोटो या बैंक पासबुक की अटेस्टेड कॉपी अपलोड करने की पुरानी प्रक्रिया को खत्म कर दिया है.पहले सदस्य को बैंक खाते की जानकारी वेरिफाइड करने के लिए ये दस्तावेज जमा करने पड़ते थे. कई बार फोटो साफ नहीं होने या दस्तावेज सही तरीके से अपलोड नहीं होने के कारण क्लेम रिजेक्ट हो जाते थे.
ऑनलाइन क्लेम से जुड़ी शिकायतों में भी कमी आई
अब EPFO अपने डिजिटल सिस्टम के जरिए बैंक खाते की जानकारी की जांच करता है. इससे सदस्यों को अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने की परेशानी से राहत मिली है और क्लेम प्रक्रिया ज्यादा आसान हो गई है.सरकार का कहना है कि इस बदलाव से खराब क्वालिटी वाले दस्तावेजों के कारण होने वाली अस्वीकृति कम हुई है. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। साथ ही ऑनलाइन क्लेम से जुड़ी शिकायतों में भी कमी आई है.कुल मिलाकर EPFO की नई व्यवस्था से करोड़ों सदस्यों के लिए PF क्लेम करना पहले से ज्यादा तेज, आसान और सुविधाजनक हो गया है.