Quick Samachar: Fake Desi Ghee Factory Busted: आगरा जनपद के टूंडला क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली देसी घी बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। छापेमारी के दौरान 525 किलोग्राम नकली घी बरामद किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 5.30 लाख रुपये बताई जा रही है। मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

सहायक आयुक्त खाद्य डॉ.चंदन पांडे के निर्देश पर शुरू हुआ छापेमारी अभियान
जानकारी के अनुसार, आगरा और आसपास के क्षेत्रों में लंबे समय से नकली मावा, नकली घी और मिलावटी खाद्य पदार्थों का कारोबार फलफूल रहा है। इसी क्रम में खाद्य विभाग को सूचना मिली थी कि टूंडला के चुल्हावली रोड स्थित एक किराए के मकान में नकली देसी घी तैयार कर बाजार में खपाया जा रहा है। सूचना के आधार पर सहायक आयुक्त खाद्य डॉ.चंदन पांडे के निर्देशन में टीम ने छापा मारकर पूरे गोरखधंधे का खुलासा किया।
जांच के दौरान पता चला कि रिफाइंड तेल, केमिकल और कृत्रिम फ्लेवर की मदद से देसी घी जैसा उत्पाद तैयार किया जा रहा था। इसके बाद उसे पैक कर असली देसी घी के नाम पर बाजार में बेचा जाता था। टीम ने मौके से 35 टीन नकली घी, भारी मात्रा में कच्चा माल और निर्माण में प्रयुक्त उपकरण बरामद किए हैं।
दो महीने पहले ही शुरू हुआ कारोबार
गिरफ्तार आरोपी विवेक गुप्ता ने पूछताछ में बताया कि उसने करीब डेढ़ से दो महीने पहले ही यह कारोबार शुरू किया था। उसने स्वीकार किया कि घी में मिलावट कर उसे तैयार किया जाता था और इसकी सप्लाई मुख्य रूप से आगरा के रावतपाड़ा बाजार में की जाती थी।
कई शहरों में होती है सप्लाई
गौरतलब है कि आगरा का रावतपाड़ा प्रदेश के प्रमुख थोक बाजारों में शामिल है। यहां से की सप्लाई न केवल आगरा बल्कि अलीगढ़, भरतपुर और ग्वालियर समेत कई शहरों तक होती है। ऐसे में नकली घी की सप्लाई का खुलासा होने के बाद खाद्य सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आशंका जताई जा रही है कि यह मिलावटी घी बड़ी संख्या में लोगों की रसोई तक पहुंच चुका होगा।
ने बरामद घी और अन्य सामग्री के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग की इस कार्रवाई से मिलावटखोरों में हड़कंप मचा हुआ है, वहीं आम लोगों ने भी खाद्य विभाग की इस कार्रवाई का स्वागत किया है। जनपद में मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रहने की बात कही गई है।
- देसी घी के नाम पर लोगों को परोसा जा रहा था जहर!
- रिफाइंड, केमिकल और फ्लेवर मिलाकर तैयार किया जा रहा था नकली घी
- आरोपी विवेक गुप्ता गिरफ्तार
- आगरा के प्रमुख थोक बाजार रावतपाड़ा में की जाती थी सप्लाई
- रावतपाड़ा से अलीगढ़, भरतपुर और ग्वालियर तक जाता है माल
- करीब 5.30 लाख रुपये का नकली घी बरामद
सोचिए, मुनाफे के लिए लोगों की सेहत के साथ कितना बड़ा खिलवाड़ किया जा रहा था। अगर खाद्य विभाग की कार्रवाई न होती तो यह नकली घी हजारों घरों तक पहुंच सकता था।
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