
वाराणसी/लखनऊ। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को वाराणसी स्थित संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर पहुंचेंगे। यहां वे संत रविदास के दर्शन कर आशीर्वाद लेंगे और राष्ट्रव्यापी ‘श्री गुरु रविदास महाराज समरसता संकल्प अभियान’ का शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम में करीब 25 हजार लोगों की भागीदारी का लक्ष्य रखा गया है। इस दौरान संत समाज के प्रतिनिधियों के साथ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी समेत कई वरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे।
131 कलशों के जरिए देशभर में पहुंचेगा संत रविदास का संदेश
अभियान के शुभारंभ अवसर पर संत रविदास की जन्मभूमि की पवित्र मिट्टी से भरे 131 कलशों का पूजन किया जाएगा। इनमें से 98 कलश उत्तर प्रदेश के संगठनात्मक जिलों और 27 राज्यों व छह जोन के लिए रवाना किए जाएंगे। इन कलशों के माध्यम से संत रविदास के सामाजिक समरसता, समानता और मानवता के संदेश को देशभर तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
समरसता संकल्प सभा और दीपोत्सव का आयोजन
सीर गोवर्धनपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान समरसता संकल्प सभा होगी। इसके अलावा वाराणसी के रविदास घाट और पार्क में ‘गुरु रविदास महाराज समरसता दीप अभियान’ के तहत 11 हजार दीप जलाए जाएंगे। देशभर के संत रविदास मंदिरों और भाजपा मंडल स्तर पर भी दीपोत्सव और विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
पांच चरणों में चलेगा राष्ट्रव्यापी अभियान
29 जुलाई से 10 सितंबर: कलश वंदन अभियान
29 जुलाई से 31 अगस्त: संत संपर्क अभियान
5 अक्टूबर से 5 नवंबर: जालंधर से काशी तक समरसता यात्रा
26 नवंबर से 15 जनवरी 2027: छात्रावास संपर्क अभियान
अनुसूचित वर्ग मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य के अनुसार, यह अभियान पांच चरणों में पूरा किया जाएगा। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। समरसता यात्रा जम्मूकश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, चंडीगढ़, हरियाणा, दिल्ली, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों से होकर गुजरेगी।
माघी पूर्णिमा तक चलेंगे धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम
गुरु पूर्णिमा से लेकर माघी पूर्णिमा यानी 20 फरवरी 2027 तक देशभर में सामूहिक आरती, गुरुवाणी पाठ, भजन संध्या और समरसता संकल्प जैसे धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस अभियान का उद्देश्य संत रविदास के विचारों और सामाजिक समानता के संदेश को जनजन तक पहुंचाना है।
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