
सरीला । राठ डिपो की रोडवेज बस के चिकासीबेतवा पुल पर पहुंचते ही पिछले हिस्से के दोनों पहियों के बोल्ट खुल गए। एक पहिया निकलकर बाहर आ गया। पहिये से आ रही घटघट की आवाज सुनकर परिचालक ने चालक को बस रोकने के लिए कहा। चालक ने तत्काल बस रोक दी। जिससे बड़ा हादसा टल गया।
रविवार को राठ से दिल्ली सराय काले खां के लिए रवाना हुई थी। सुबह लगभग साढ़े नौ बजे राठउरई मार्ग पर चिकासी थाना क्षेत्र के मोहानाचिकासी बेतवा नदी पुल पर बस पहुंची। बस में सात यात्री और पांच स्टाफ समेत कुल 12 लोग सवार थे। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। पहिया निकलते ही यात्रियों में चीखपुकार मच गई।
परिचालक महेश तिवारी ने बताया कि पहिये से असामान्य आवाज आने पर उन्होंने पीछे देखा तो बोल्ट खुले दिखाई दिए। उन्होंने चालक रघुनंदन को तुरंत बस रोकने के लिए कहा। बस रुकने के बाद यात्रियों को दूसरी बस से भेजा गया। जो करीब 15 से 20 मिनट बाद मौके पर पहुंची।
चार घंटे से पुल पर खड़ी बस, बारिश में बढ़ी परेशानी। बस को हटाने के लिए रोडवेज का मिस्त्री जैक लेकर मौके पर पहुंचा, लेकिन जैक काम नहीं कर सका। इसके चलते बस करीब चार घंटे से पुल के बीच उसी हालत में खड़ी रही। बारिश होने के कारण बस में मौजूद चालक और परिचालक को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। परिचालक के अनुसार मौके पर कोई अधिकारी नहीं पहुंचा।
मेंटेनेंस पर उठे सवाल
परिचालक के अनुसार बस रात में फोरमैन से जांच के बाद रवाना हुई थी। रात में मारकंडेश्वर और दिन में घासीराम फोरमैन की ड्यूटी होने की बात बताई गई। इसके बावजूद कुछ ही देर बाद पहियों के बोल्ट खुलने से बसों की फिटनेस और मेंटेनेंस व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
एआरएम आरपी साहू ने बताया कि बस के पहियों के बोल्ट खुलने की जानकारी मिली है। बस को हटाने के लिए मिस्त्री और जैक भेजा गया था। लेकिन जैक काम नहीं कर रहा था। उन्होंने मामले की जांच कराने और बस की आखिरी जांच की जानकारी लेने की बात कही। आगे ऐसी घटना न हो, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।