
हरदोई, अमृत विचार। हरदोई शहर कोतवाली क्षेत्र में बंद मकान से लाखों रुपये के जेवर चोरी होने के मामले में पुलिस ने आखिरकार पांच महीने बाद मुकदमा दर्ज किया है। पीड़िता का आरोप है कि तहरीर देने के बाद पुलिस ने आरोपी को पकड़ तो लिया था, लेकिन रिपोर्ट दर्ज किए बिना छोड़ दिया।
एसपी से शिकायत करने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई और लगातार चक्कर लगाने के बाद अब एफआईआर दर्ज की गई है। कोतवाली शहर के हरीपुरवा निवासी उमा देवी पत्नी रामप्रसाद ने बताया कि वह रोजीरोटी की तलाश में दिल्ली चली गई थीं और वहीं रह रही थीं। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। उनके पड़ोस में बंटी गुप्ता का मकान है, जिसमें सुधा पत्नी मनोज किराये पर रहती हैं।
पड़ोसी पर घर में घुसने का आरोप
उमा देवी के मुताबिक, सुधा ने उन्हें बताया कि 12 फरवरी को पड़ोस का सुमित पुत्र कैलाश उनके बंद मकान में घुसा था और कुछ सामान लेकर बाहर निकलते देखा गया था। अगले दिन जब वह दिल्ली से वापस लौटीं तो घर में रखे सोनेचांदी के सभी जेवर गायब मिले। पीड़िता के अनुसार चोरी हुए सामान में सोने के टॉप्स, बेहसार, मंगलसूत्र, कानों के कुंडल, सोने की अंगूठी और दो जोड़ी चांदी की पायल शामिल हैं।
आरोप: पकड़कर भी छोड़ दिया आरोपी
उमा देवी का आरोप है कि घटना के अगले दिन उन्होंने पुलिस को तहरीर दी, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी सुमित को हिरासत में लिया, लेकिन मुकदमा दर्ज किए बिना ही उसे छोड़ दिया। उन्होंने 17 फरवरी को पुलिस अधीक्षक से भी शिकायत की, लेकिन वहां से भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद वह लगातार न्याय के लिए अधिकारियों के चक्कर लगाती रहीं।
पांच महीने बाद दर्ज हुआ मुकदमा
लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने अब आरोपी सुमित के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 305 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की जांच एसआई वासु कुमार को सौंपी गई है।