Hariyali Amavasya 2026: पितरों की शांति के लिए लगाएं ये Trees, दूर होगा Pitru Dosha और बढ़ेगी सुखसमृद्धि

Hariyali Amavasya 2026: पितरों की शांति के लिए लगाएं ये Trees, दूर होगा Pitru Dosha और बढ़ेगी सुखसमृद्धि
हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व माना जाता है। सावन में पड़ने वाली हरियाली अमावस्या को अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन पितरों और महादेव की कृपा प्राप्त करना बेहद शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस अवसर पर पितरों का तर्पण करने से पितृ दोष से मुक्ति मिल सकती हैं और पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस बार हरियाली अमावस्या कल यानी 12 अगस्त को मनाई जाएगी।
धार्मिक ग्रंथ और गरुड़ पुराण के अनुसार, हरियाली अमावस्या के दिन कुछ विशेष पौधे लगाने से पितर प्रसन्न होते हैं, जिससे परिवार के सदस्यों को सुखसमृद्धि का आशीर्वाद देते हैं। आइए आपको बताते हैं हरियाली तीज अमावस्या के दिन पितरों की तृप्ति के लिए आपको कौनसे पौधे लगाने चाहिए।
अमावस्या पर पितरों की शांति के लिए पौधे
पीपल का पेड़
धार्मिक मान्यता के अनुसार, पीपल का पेड़ की जड़ को ब्रह्मा जी, तने में भगवान विष्णु और सबसे ऊपरी हिस्से को महादेव का वास माना जाता है। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। इसके साथ ही इस पेड़ में पितरों का वास माना जाता है। इसलिए हरियाली अमावस्या के शुभ अवसर पर पीपल का पेड़ लगाने से व्यक्ति की कुंडली में से पितृ दोष की समस्या दूर हो सकती है और जीवन में सुखशांति बनीं रहती है। वहीं, शनिवार के दिन पेड़ के पास दीपक जलाकर पूजा करने से शनि की साढ़े साती और ढैय्या से मुक्ति मिल जाती है। इसके साथ ही सभी कष्ट दूर हो जाते हैं।
बरगद का पेड़
हरियाली अमावस्या के दिन बरगद का पेड़ लगा सकते हैं। ऐसा करने से पितर अधिक प्रसन्न होते हैं और परिवार के लोगों को आशीर्वाद देते हैं। हिंदू धर्म में बरगद के पेड़ दीर्घायु और वंश वृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इस पेड़ की पूजा और परिक्रमा करने से पितरों की कृपा प्राप्त हो सकती हैं और व्यक्ति के जीवन में चल रही सभी बाधाएं दूर हो जाती है। बता दें कि, इस पेड़ को आप पूर्व या उत्तर दिशा में लगाएं।
बेलपत्र का पौधा
गौरतलब है कि सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित है। इस खास मौके पर आप बेलपत्र का पौधा लगा सकते हैं। सावन के महीने में पूजा के समय शिव जी को बेलपत्र चढ़ाने का अधिक महत्व है। इससे साधक को जीवन में शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं। ऐसा माना जाता है कि हरियाली अमावस्या के दिन बेलपत्र का पौधा लगाने से महादेव की कृपा प्राप्त होती है। इसके साथ ही पितरों को जन्ममरण के चक्र से छुटकारा मिल जाता है। इस पौधा को आप  उत्तरपूर्व दिशा या पूर्व दिशा में लगा सकते हैं।

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