
कानपुर, अमृत विचार। साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और जांच क्षमता को मजबूत बनाने के लिए कानपुर पुलिस कमिश्नरेट ने आईआईटी कानपुर के सहयोग से एडवांस लेवल साइबर ट्रेनिंग प्रोग्राम की शुरुआत की है। कार्यक्रम के पहले सत्र में साइबर क्राइम थाने के पुलिसकर्मियों को अत्याधुनिक साइबर जांच तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया।
यह प्रशिक्षण कमिश्नरेट कानपुर नगर और आईआईटी कानपुर के बीच हुए एमओयू के तहत आयोजित किया गया। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। पहले चरण में आईआईटी के प्रोफेसरों और तकनीकी विशेषज्ञों ने पुलिस टीम को साइबर अपराधों की जांच में इस्तेमाल होने वाली नई तकनीकों से परिचित कराया।
हाईटेक जांच तकनीकों का मिला प्रशिक्षण
प्रशिक्षण के दौरान पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को एडवांस साइबर इन्वेस्टिगेशन, डिजिटल फॉरेंसिक, साइबर इंटेलिजेंस, मालवेयर एनालिसिस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित थ्रेट डिटेक्शन तथा उभरते साइबर अपराधों की जांच से जुड़ी आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी गई।
विशेषज्ञों ने बदलते साइबर अपराधों के स्वरूप और डिजिटल साक्ष्यों के वैज्ञानिक विश्लेषण की प्रक्रिया पर भी विस्तृत जानकारी साझा की, ताकि जांच अधिक प्रभावी और सटीक हो सके।
लगातार होंगे प्रशिक्षण कार्यक्रम
अधिकारियों के अनुसार, यह पहल केवल एक प्रशिक्षण सत्र तक सीमित नहीं रहेगी। आगामी चरणों में भी नियमित रूप से ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे पुलिसकर्मियों की तकनीकी दक्षता लगातार बढ़ाई जा सके।
पुलिस का मानना है कि आईआईटी कानपुर जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के सहयोग से मिलने वाला यह विशेषज्ञ प्रशिक्षण साइबर अपराधों की रोकथाम, डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण और त्वरित कार्रवाई की क्षमता को और मजबूत करेगा।