India First Hydrogen Train: भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन शुरू, सिर्फ 5 रुपये से सफर, जानिए इसकी 10 बड़ी खूबियां, देखें Exclusive Photos

India First Hydrogen Train: भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन शुरू, सिर्फ 5 रुपये से सफर, जानिए इसकी 10 बड़ी खूबियां, देखें Exclusive Photos
India First Hydrogen Train: भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन शुरू, सिर्फ 5 रुपये से सफर, जानिए इसकी 10 बड़ी खूबियां, देखें Exclusive Photos

डिजिटल डेस्क/नई दिल्ली।

भारत ने हरित परिवहन की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए अपनी पहली हाइड्रोजन फ्यूल सेल ट्रेन शुरू कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को हरियाणा के जींदसोनीपत रेलखंड पर इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सबसे खास बात यह है कि इस ट्रेन का किराया सिर्फ 5 रुपये से शुरू होता है, जिससे आम यात्रियों को कम खर्च में आधुनिक और पर्यावरणअनुकूल सफर का विकल्प मिलेगा।

सिर्फ 5 रुपये से शुरू होगा सफर

भारतीय रेलवे ने इस ट्रेन का किराया बेहद किफायती रखा है। जींद से पांडु पिंडारा तक का टिकट 5 रुपये है, जबकि पूरे 89 किलोमीटर लंबे जींदसोनीपत सफर का किराया 25 रुपये रखा गया है।

स्टेशनवार किराया

  • जींद पांडु पिंडारा : ₹5
  • जींद भंभेवा : ₹10
  • जींद गोहाना : ₹15
  • जींद मोहाना : ₹20
  • जींद सोनीपत : ₹25

पूरी तकनीक भारत में विकसित

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस ट्रेन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसकी पूरी तकनीक भारत में विकसित की गई है। इसका बौद्धिक संपदा अधिकार भी भारत के पास है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर की एजेंसी से इसका परीक्षण और प्रमाणन कराया गया है, जिससे इसकी सुरक्षा और गुणवत्ता सुनिश्चित हुई है।

हाइड्रोजन से चलती है, धुआं नहीं छोड़ती

यह ट्रेन प्रोटॉन एक्सचेंज मेम्ब्रेन फ्यूल सेल तकनीक पर आधारित है। इसमें हाइड्रोजन और हवा में मौजूद ऑक्सीजन की रासायनिक प्रक्रिया से बिजली बनती है, जिससे ट्रेन के मोटर चलते हैं। इस प्रक्रिया में धुआं या कार्बन उत्सर्जन नहीं होता, बल्कि केवल पानी की भाप निकलती है। यही वजह है कि इसे पर्यावरण के लिए बेहतर माना जा रहा है।

एक बार गैस भरने पर 250 से 350 किमी तक चलेगी

हाइड्रोजन से चलने वाली यह ट्रेन एक बार ईंधन भरने के बाद लगभग 250 से 350 किलोमीटर तक सफर कर सकती है। इसकी डिजाइन स्पीड 110 किमी प्रति घंटा है, हालांकि फिलहाल इसे 75 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलाया जाएगा।

10 कोच, 2,600 यात्रियों की क्षमता

इस ट्रेन में 10 कोच हैं, जिनमें 8 यात्री कोच और 2 पावर कार शामिल हैं। इसमें 682 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था है, जबकि कुल मिलाकर करीब 2,600 यात्री सफर कर सकते हैं। यात्रियों के लिए मोबाइल चार्जिंग पॉइंट, ऑटोमैटिक दरवाजे, आरामदायक सीटें और बायोटॉयलेट जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।

सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक

ट्रेन में हाइड्रोजन गैस को हाईप्रेशर सिलेंडरों में सुरक्षित रखा गया है। सुरक्षा के लिए हाइड्रोजन लीक डिटेक्टर, फ्लेम डिटेक्टर, धुआं और तापमान सेंसर लगाए गए हैं। किसी भी आपात स्थिति में सिस्टम अपने आप हाइड्रोजन की सप्लाई बंद कर देता है।

89 किलोमीटर का सफर, 12 स्टेशनों पर ठहराव

यह ट्रेन जींद से सोनीपत के बीच 89 किलोमीटर की दूरी करीब दो घंटे में तय करेगी। रास्ते में 12 स्टेशनों पर इसका ठहराव होगा, जिससे स्थानीय यात्रियों को भी इसका लाभ मिलेगा।

विशेषज्ञों की क्या राय है?

विशेषज्ञों का कहना है कि हाइड्रोजन ट्रेन स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। हालांकि, भारत के 95 प्रतिशत से अधिक ब्रॉड गेज रेल नेटवर्क का पहले ही विद्युतीकरण हो चुका है। ऐसे में भविष्य में हाइड्रोजन ट्रेनें मुख्य रूप से उन रूटों पर अधिक उपयोगी हो सकती हैं, जहां बिजली से संचालन संभव नहीं है या विशेष जरूरतें हैं।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *