Quick Samachar: इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने का सीजन एक बार फिर आ चुका है. असेसमेंट ईयर 202627 के लिए टैक्सपेयर्स तेजी से अपना रिटर्न भर रहे हैं. एक आंकड़े के मुताबिक, 17 जून 2026 तक ही 42.6 लाख से ज्यादा लोग अपना रिटर्न जमा कर चुके हैं. इस बार आयकर विभाग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का काफी सख्ती से इस्तेमाल कर रहा है. इसका सीधा मतलब यह है कि आपकी एक छोटी सी चूक या गलत जानकारी भी तुरंत पकड़ में आ जाएगी, जिससे सीधा टैक्स नोटिस घर पहुंच सकता है.

ITR Filing 2026: टैक्स रिटर्न भरते समय भूलकर भी न करें ये गलतियां, वरना आ सकता है नोटिस​

अगर आप भी 31 जुलाई की डेडलाइन से पहले अपना रिटर्न दाखिल करने की तैयारी कर रहे हैं, तो कुछ अहम बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. आइए जानते हैं वो सामान्य गलतियां जिनसे आपको हर हाल में बचना चाहिए, ताकि रिटर्न का प्रोसेस बिना किसी रुकावट के पूरा हो सके.

सही फॉर्म का चुनाव न करना पड़ेगा भारी

रिटर्न फाइल करते समय सबसे पहली सीढ़ी सही ITR फॉर्म का चुनाव करना है. गलत फॉर्म भरने पर आपका रिटर्न अमान्य घोषित किया जा सकता है. उदाहरण के लिए, अगर आपके पास कोई विदेशी संपत्ति है या इक्विटी म्यूचुअल फंड से 1.25 लाख रुपये से ज्यादा का लॉन्गटर्म कैपिटल गेन हुआ है, तो आप साधारण ITR1 फॉर्म नहीं भर सकते. ऐसे में आपको ITR2 का इस्तेमाल करना होगा. इसी तरह, जो नौकरीपेशा लोग शेयर बाजार में फ्यूचरऑप्शन ट्रेडिंग करते हैं, उन्हें अपनी जानकारी ITR3 फॉर्म में देनी होगी.

आमदनी छिपाने से लेकर फर्जी छूट तक पर पैनी नजर

अक्सर लोग बैंक के बचत खाते से मिलने वाले मामूली ब्याज, डिविडेंड या नौकरी बदलने की स्थिति में पुरानी कंपनी से मिली आमदनी को रिटर्न में दिखाना भूल जाते हैं. आयकर विभाग आपके पैन कार्ड के जरिए बैंक और टीडीएस स्टेटमेंट से इन सभी जानकारियों का आसानी से मिलान कर लेता है. इसके अलावा, बिना पक्के सबूत के हाउस रेंट अलाउंस पर टैक्स छूट का दावा करना भारी पड़ सकता है. अगर आप अपने मातापिता को किराया देकर छूट ले रहे हैं, तो रेंट एग्रीमेंट और पेमेंट का सबूत जरूर रखें. साथ ही, मातापिता को भी उस किराये की रकम को अपने रिटर्न में आय के तौर पर दिखाना होगा. इसी तरह 80G के तहत डोनेशन की छूट के लिए ट्रांजेक्शन रेफरेंस नंबर देना अनिवार्य है.

फॉर्म 26AS समेत AIS का मिलान करना बेहद जरूरी

ITR भरने से पहले अपने एनुअल इन्फॉर्मेशन स्टेटमेंट , टैक्स इन्फॉर्मेशन स्टेटमेंट के साथ फॉर्म 26AS को अच्छी तरह चेक करें. कई बार बैंक की तरफ से दी गई जानकारी और आपके वास्तविक आंकड़ों में अंतर होता है. अगर आप बिना मिलान किए रिटर्न भर देते हैं, तो नोटिस आना तय है. कैपिटल गेन की जानकारी देते समय भी खास सावधानी बरतें. बजट में हुए बदलावों के कारण 23 जुलाई 2024 की तारीख कैपिटल गेन के लिए काफी अहम है. अगर आपको AIS में कोई गलत जानकारी या डुप्लीकेट एंट्री दिखती है, तो इनकम टैक्स पोर्टल पर जाकर अपना फीडबैक जरूर दर्ज कराएं.

डेडलाइन मिस करने के साथ ईवेरिफिकेशन न करने का नुकसान

नौकरीपेशा लोगों के लिए रिटर्न भरने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 है. वहीं, जो लोग ITR3 या ITR4 भरते हैं , उनके लिए डेडलाइन 31 अगस्त तय की गई है. डेडलाइन चूकने पर 5,000 रुपये तक की पेनाल्टी लग सकती है .

इस बार नई टैक्स व्यवस्था बाय डिफॉल्ट लागू है, जिसमें 12 लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं है . अगर आप पुरानी टैक्स व्यवस्था का फायदा लेना चाहते हैं, तो डेडलाइन से पहले रिटर्न भरना अनिवार्य है. अंत में सबसे जरूरी बात, रिटर्न ऑनलाइन सबमिट करने के बाद 30 दिनों के भीतर उसे ईवेरिफाई करना न भूलें. अगर आप ऐसा नहीं करते हैं, तो आपका पूरा रिटर्न अवैध मान लिया जाएगा.