
रामपुर, अमृत विचार। सपा नेता आजम खां के ड्रीम प्रोजेक्ट मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय में बिना नक्शा पास कराए बने 38 भवनों को रामपुर विकास प्राधिकरण ने अवैध घोषित कर दिया है। जल्द इन अवैध भवनों के लिए ध्वस्तीकरण के आदेश पारित कर दिए हैं।
व्यक्तिगत सुनवाई के बाद आरडीए के उपाध्यक्ष एवं जिलाधकारी अजय कुमार द्विवेदी ने जौहर विवि को 20 दिन में भवन खाली करने का आदेश दिया है। इसके बाद विवि प्रशासन स्वयं भवनों को नहीं ध्वस्त करता है तो आरडीए द्वारा कभी भी इन्हें ध्वस्त कर दिया जाएगा। मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट की ओर से संचालित जौहर विवि में 40 भवनों का निर्माण किया था।
इसमें दो भवन ही जिला पंचायत से स्वीकृत कराने के साथ मानचित्रों के अनुसार सही पाए गए हैं। आरडीए के क्षेत्रीय अवर अभियंता ने 28 जून को वाद दर्ज कर जौहर ट्रस्ट के सचिव और जौहर विवि के रजिस्ट्रार को नोटिस जारी किया था। इसमें आठ जुलाई तक संबंधित 38 भवनों के नक्शा आदि दाखिल करने का आदेश दिया था।
जौहर विवि प्रबंधन की ओर से दाखिल किए गए जवाब के बाद आरडीए द्वारा व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर दिया गया, जिसमें बुधवार 15 जुलाई की तिथि निर्धारित थी। यहां जौहर विवि प्रबंधन का पक्ष सुनने के बाद आरडीए के उपाध्यक्ष अजय कुमार द्विवेदी ने अवैध भवनों को ध्वस्त करने का आदेश पारित कर दिया।
आदेश में कहा कि आरडीए के अधिसूचित क्षेत्र के अंतर्गत मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट द्वारा राजस्व ग्राम सींगनखेड़ा की भूमि पर एकेडमिक भवन व मेडिकल भवन के अलावा शेष 82309.80 वर्गमीटर भूमि पर बने समस्त 38 निर्माण किसी सक्षम प्राधिकारी से मानचित्र स्वीकृति के बिना किए गए हैं, जिनके ध्वस्तीकरण का आदेश पारित किया जाता है।
प्रतिवादीगण को आदेशित किया जाता है कि उक्त अवैध निर्माण को 20 दिन के अंदर स्वयं हटाकर इस कार्यालय को सूचित करें, अन्यथा की दशा में इन अवैध निर्माणों को आरडीए द्वारा निर्धारित अवधि के बाद ध्वस्त कराया जाएगा और इस पर होने वाले समस्त व्यय भूराजस्व बकाया की भांति वसूल किया जाएगा।
हालांकि आरडीए उपाध्यक्ष ने छात्रछात्राओं की पढाई प्रभावित ना होने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए क्षेत्रीय उच्चा शिक्षाधिकारी व जिला विद्यालय निरीक्षक को परिसर में काउंसिलिंग कैंप स्थापित कर छात्रों का मार्गदर्शन करने के निर्देश दिए हैं।
व्यक्तिगत सुनवाई के बाद जौहर विवि को अवैध 38 भवनों को स्वयं हटाने के आदेश दिए हैं, इसके लिए जौहर ट्रस्ट के सचिव और जौहर विवि के रजिस्ट्रार को 20 दिन का समय दिया गया है। ऐसे में विवि प्रशासन स्वयं अवैध निर्माण तोड़ लें, अन्यथा आरडीए अवैध निर्माण ध्वस्त करेगा। जिसका खर्च भी जौहर विवि से वसूला जाएगा… अजय कुमार द्विवेदी, उपाध्यक्ष आरडीए