
लखनऊ, अमृत विचार। लखनऊ विकास प्राधिकरण मुख्यालय में गुरुवार को जनता अदालत का आयोजन किया गया। अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित सुनवाई में शहर के विभिन्न इलाकों से पहुंचे फरियादियों ने अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। जनता अदालत में अवैध कब्जा, रजिस्ट्री लंबित होने, आवास का कब्जा न मिलने और अन्य संपत्ति विवादों से जुड़े मामलों की सुनवाई की गई। अपर सचिव ने सभी शिकायतों को संबंधित अधिकारियों को सौंपते हुए उनका समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
अवैध कब्जा, रजिस्ट्री और आवास से जुड़ी शिकायतें सबसे ज्यादा
जनता अदालत में बड़ी संख्या में ऐसे मामले पहुंचे, जिनमें एलडीए की योजनाओं में आवंटित मकानों और भूखंडों पर कब्जा, रजिस्ट्री में देरी तथा आवास का कब्जा न मिलने जैसी समस्याएं सामने आईं। अधिकारियों ने सभी शिकायतों का संज्ञान लेकर संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
दिव्यांग आवंटी की पीड़ा: ‘दो साल से एलडीए के चक्कर लगा रहा हूं’
रजनीखंड निवासी मेहरवान ने जनता अदालत में अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि उन्हें आंखों से दिखाई नहीं देता। उन्होंने वर्ष 2022 में एलडीए की शारदा नगर योजना में एक मकान खरीदा था, लेकिन आरोप है कि पड़ोसी ने उस मकान पर कब्जा कर वहां स्कूल संचालित करना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों से लगातार एलडीए के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें उनका मकान नहीं मिल सका।
समयबद्ध निस्तारण के दिए निर्देश
जनता अदालत में आई सभी शिकायतों को संबंधित अधिकारियों को भेजते हुए अपर सचिव ने निर्देश दिए कि मामलों की निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ताकि फरियादियों को जल्द राहत मिल सके।