
लखनऊ। पेपर लीक के मुद्दे को लेकर सोमवार को लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने डिंपल यादव, अखिलेश यादव, राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल के खिलाफ नारे लगाए और विपक्ष पर विभिन्न राज्यों में कथित पेपर लीक मामलों को लेकर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
छात्रों का कहना था कि जिन राज्यों में गैरएनडीए सरकारें हैं, वहां भी पेपर लीक की घटनाएं सामने आई हैं, लेकिन विपक्षी नेता उन मामलों पर खुलकर बयान नहीं दे रहे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जो नेता जंतरमंतर पर नीट पेपर लीक के खिलाफ छात्रों के समर्थन में पहुंचे थे, उन्हें अन्य राज्यों में सामने आए मामलों पर भी समान रूप से आवाज उठानी चाहिए।
विश्वविद्यालय गेट पर जुटे छात्र, पुलिस से हुई धक्कामुक्की
दोपहर करीब 12 बजे छात्र लखनऊ विश्वविद्यालय के गेट नंबर1 पर एकत्र हुए और नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद कुछ छात्र विश्वविद्यालय परिसर से बाहर निकलकर प्रदर्शन करना चाहते थे।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पहले से मौजूद पुलिस बल ने बैरिकेडिंग लगाकर छात्रों को रोकने का प्रयास किया। इस दौरान छात्रों और पुलिस के बीच हल्की धक्कामुक्की हुई। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग हटाने की कोशिश भी की, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें परिसर के भीतर ही रोक दिया।
छात्रों ने गैरएनडीए राज्यों के शिक्षा मंत्रियों से इस्तीफे की मांग की
प्रदर्शन में शामिल छात्र आलोक मिश्रा ने कहा कि जिन राज्यों में कथित तौर पर पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं, वहां के शिक्षा मंत्रियों को भी जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं को सभी राज्यों में समान रूप से इस मुद्दे पर अपनी बात रखनी चाहिए।
‘सभी राज्यों के लिए एक जैसा रुख अपनाएं’
एक अन्य छात्र जतिन शुक्ला ने कहा कि यदि विपक्ष पेपर लीक के खिलाफ आवाज उठा रहा है तो उसे उन राज्यों के मामलों पर भी प्रतिक्रिया देनी चाहिए, जहां गैरएनडीए सरकारें हैं। उनका कहना था कि इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों को समान मानदंड अपनाने चाहिए।
छात्र अनुरान ने कहा कि पेपर लीक के खिलाफ मुखर विपक्ष को गैरएनडीए शासित राज्यों में होने वाले मामलों पर भी समान रूप से प्रतिक्रिया देनी चाहिए। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इस संवेदनशील मुद्दे पर सभी राजनीतिक दलों का दृष्टिकोण निष्पक्ष और एक समान होना चाहिए।