
लखनऊ। लखनऊकानपुर एक्सप्रेसवे मंगलवार सुबह से वाहनों के लिए खोल दिया गया है। इस अत्याधुनिक छह लेन एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे पर वाहन 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेंगे। हालांकि इस हाईस्पीड कॉरिडोर पर सफर करने वाले यात्रियों को देश के अन्य प्रमुख एक्सप्रेसवे की तुलना में सबसे अधिक टोल शुल्क भी चुकाना होगा।
देश में सबसे अधिक प्रति किलोमीटर टोल
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से जारी टोल दरों के अनुसार 63 किलोमीटर लंबे लखनऊकानपुर एक्सप्रेसवे पर कार, जीप और वैन के लिए एक तरफ का टोल 275 रुपये निर्धारित किया गया है। इस आधार पर प्रति किलोमीटर टोल करीब 4.37 रुपये बैठता है, जो देश के प्रमुख एक्सप्रेसवे में सबसे अधिक है।
तुलना करें तो—
- मुंबईपुणे एक्सप्रेसवे : 3.39 रुपये/किमी
- गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे : 3.23 रुपये/किमी
- दिल्लीदेहरादून एक्सप्रेसवे : 3.21 रुपये/किमी
- गंगा एक्सप्रेसवे : 2.55 रुपये/किमी
- यमुना एक्सप्रेसवे : 2.55 रुपये/किमी
- आगरालखनऊ एक्सप्रेसवे : 2.24 रुपये/किमी
- बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे : 2.15 रुपये/किमी
- पूर्वांचल एक्सप्रेसवे : 1.99 रुपये/किमी
अन्य एक्सप्रेसवे से कितना महंगा?
लखनऊकानपुर एक्सप्रेसवे का प्रति किलोमीटर टोल गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे से 1.14 रुपये अधिक है। वहीं, गंगा और यमुना एक्सप्रेसवे की तुलना में लगभग 71 प्रतिशत अधिक तथा पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के मुकाबले दोगुने से भी ज्यादा है।
बिना टोल प्लाजा के कटेगा शुल्क
NHAI के अनुसार यह बैरियरफ्री एक्सप्रेसवे है, जहां पारंपरिक टोल प्लाजा नहीं बनाए गए हैं। यहां RFID और ANPR तकनीक के जरिए चलते वाहन से ही टोल स्वत वसूला जाएगा।
45 से 50 मिनट में पूरा होगा सफर
एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद लखनऊ और कानपुर के बीच यात्रा का समय घटकर लगभग 45 से 50 मिनट रह जाएगा।
किन जिलों को मिलेगा लाभ?
इस एक्सप्रेसवे से मुख्य रूप से इन जिलों के लोगों को फायदा मिलेगा—
- कानपुर
- लखनऊ
- उन्नाव
- रायबरेली
- सीतापुर
- हरदोई
- अयोध्या
- सुल्तानपुर
साथ ही इसे कानपुरलखनऊ हाईवे और उन्नावलालगंज हाईवे से भी जोड़ा गया है।
Lucknow Kanpur Expressway Toll
AI तकनीक से होगी निगरानी
यह एक्सप्रेसवे आधुनिक ट्रैफिक प्रबंधन प्रणाली से लैस है, जिसमें—
- 80 से अधिक हाईडेफिनिशन कैमरे
- 16 वीडियो इंसिडेंट डिटेक्शन सिस्टम
- स्पीड रडार
- AI आधारित ट्रैफिक मॉनिटरिंग
- मल्टीलेन फ्री फ्लो टोलिंग सिस्टम
जैसी सुविधाएं शामिल हैं। दुर्घटना की स्थिति में 15 मिनट के भीतर सहायता पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
परियोजना की प्रमुख बातें
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल लागत | ₹4,200 करोड़ |
| लंबाई | 63 किलोमीटर |
| अधिकतम गति | 120 किमी/घंटा |
| टोल प्रणाली | RFID + ANPR आधारित बैरियरफ्री |
| प्रति किमी टोल | ₹4.37 |