Maruti Suzuki Q1 Results: मारुति सुजुकी का नाम सुनते ही हर किसी के मन में भरोसेमंद और बजट वाली कारों की तस्वीर आ जाती है. कंपनी ने हाल ही में अपने अप्रैलजून तिमाही के नतीजे जारी किए हैं. आंकड़े देखकर एक बात तो साफ है कि मारुति की गाड़ियां धड़ल्ले से बिक रही हैं. कंपनी की कमाई में 36% का बड़ा उछाल आया है और यह बढ़कर 52,456 करोड़ रुपये हो गई है.

लेकिन, हैरान करने वाली बात ये है कि इतनी बंपर बिक्री के बावजूद कंपनी का शुद्ध मुनाफा 11% गिरकर 3,352 करोड़ रुपये रह गया है. अब सवाल उठता है कि जब गाड़ियां इतनी बिकीं और कमाई भी बढ़ी, तो मुनाफा क्यों सिकुड़ गया?
कमाई बढ़ी, तो फिर मुनाफा क्यों घटा?
इसका एक लाइन में जवाब है, लागत यानी गाड़ियां बनाने में आने वाला खर्च. कंपनी को कारें बनाने में पहले के मुकाबले बहुत ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ रहा है. इन तीन महीनों में मारुति का खर्च 40.5% बढ़कर 48,988 करोड़ रुपये हो गया. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। दरअसल, मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव की वजह से दुनिया भर में स्टील और कार बनाने में काम आने वाले दूसरे कच्चे माल की कीमतें बहुत तेजी से बढ़ी हैं. ऐसे में कंपनी ने गाड़ियां बेचकर जो पैसा कमाया, उसका एक बड़ा हिस्सा उस महंगे कच्चे माल का बिल चुकाने में ही चला गया.
बाजार में मारुति की कारों का दबदबा कायम
मुनाफे में कमी की बात को अगर किनारे रख दें, तो बाजार में मारुति की बादशाहत बरकरार है. ग्राहकों की भीड़ शोरूम में पहले से ज्यादा आ रही है. इस तिमाही में मारुति ने पिछले साल के मुकाबले 29.3% ज्यादा गाड़ियां बेची हैं. भारत में छोटी कारों की बिक्री 34.1% और बड़ी गाड़ियों की बिक्री 44.6% बढ़ी है. सिर्फ देश में ही नहीं, विदेशों में भी मारुति की गाड़ियों की मांग 28.6% बढ़ी है. इस जबरदस्त बिक्री की वजह से घरेलू कार बाजार में मारुति का कब्जा और मजबूत हुआ है. अब बाजार में बिकने वाली हर 100 कारों में से लगभग 41 कारें मारुति की होती हैं.
नए प्लांट से सप्लाई में आई तेजी
इतनी बड़ी संख्या में गाड़ियां बिकने के पीछे एक बड़ी वजह हरियाणा के खरखौदा में शुरू हुआ मारुति का नया प्लांट है. इस प्लांट में काम शुरू होने से गाड़ियों का प्रोडक्शन बढ़ा और बाजार में सप्लाई तेजी से हुई. इससे कंपनी की नेट सेल्स 36% बढ़कर 49,959 करोड़ रुपये हो गई. इसके अलावा, भविष्य की तैयारी करते हुए कंपनी ने 561 करोड़ रुपये के बजट वाले 4 नए बायोगैस प्रोजेक्ट्स को भी अपनी मंजूरी दे दी है.
शेयर का क्या है हाल?
मारुति ने अपने इन नतीजों की जानकारी 31 जुलाई को शेयर बाजार बंद होने के बाद दी. उस दिन कंपनी का शेयर हल्का सा चढ़कर 14,240 रुपये पर बंद हुआ था. हालांकि, अगर इस पूरे साल की बात करें, तो मारुति का शेयर अब तक करीब 15% नीचे आ चुका है. अब क्योंकि नतीजे बाजार बंद होने के बाद सामने आए थे, इसलिए शेयर पर इनका असली असर 3 अगस्त को बाजार खुलने पर ही देखने को मिलेगा. जिन लोगों ने मारुति के शेयर में पैसा लगा रखा है, उनकी नजरें इस दिन बाजार के रुख पर टिकी होंगी.