
डिजिटल डेस्क। संसद के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी विरोधप्रदर्शन के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और उनकी पत्नी सांसद डिंपल यादव ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। दोनों नेताओं ने प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी तय करने और उन्हें पद से हटाने की मांग की।
‘NEET में गड़बड़ी हुई तो जिम्मेदार कौन?’ : अखिलेश यादव
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों और विपक्षी सांसदों के साथ अनुचित व्यवहार किया गया। उन्होंने कहा कि यदि NEET परीक्षा में गड़बड़ी हुई है तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा, “हमारे सांसदों को पुलिस स्टेशन में रखा गया है, जबकि बाहर बच्चों को पीटा जा रहा है। यह कैसी सरकार है? अगर नौकरियां दी गई होतीं तो क्या बच्चे सड़कों पर उतरते? मुख्य सवाल यह है कि NEET छात्रों को न्याय मिलना चाहिए और प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ अच्छा व्यवहार होना चाहिए।”
अखिलेश ने सरकार पर लोकतांत्रिक विरोध की आवाज दबाने का आरोप लगाते हुए कहा कि “अंग्रेज भी विरोध करने वालों की बात सुनते थे। जिस तरह से प्रदर्शनकारियों को हटाया जा रहा है, उम्मीद है कि सरकार को अंत में ‘सम्मानजनक विदाई’ न मिल जाए।”
डिंपल यादव बोलीं ‘लोकतंत्र का काला दिवस’
सपा सांसद डिंपल यादव ने प्रदर्शनकारियों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि आज का दिन लोकतंत्र के इतिहास में ‘काला दिवस’ के रूप में याद किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में आए और छात्रों के साथ मारपीट की। डिंपल यादव ने कहा, “हमारी मांग है कि शिक्षा मंत्री को हटाया जाए और सरकार इस पूरे मामले की जिम्मेदारी ले। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। इतनी अहंकारी, कठोर और निर्दयी सरकार शायद ही देश के इतिहास ने देखी हो।”
शिक्षा मंत्री को हटाने की मांग तेज
समाजवादी पार्टी ने एक बार फिर NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ हुए व्यवहार की जांच और केंद्रीय शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करने की मांग दोहराई है।