
भोजपुर, अमृत विचार। रानी नांगल में शुक्रवार देर रात्रि पुराने कपड़ों के 27 गोदामों में अचानक आग लग गई। जिससे लाखों का कपड़ा और गोदाम में खड़ी बाइकें जलकर राख हो गईं। सूचना पर पहुंची फायर बिग्रेड ने आग पर बमुश्किल काबू पाया।
सिरसवा दोराहाटांडा रोड पर भोजपुर थाना क्षेत्र के गांव रानी नांगल के ग्रामीण देशभर से पुराने कपड़े खरीदकर गांव में लाकर उन्हें छांटकर अलग अलग किस्में तैयार कर बाजार में बेचने का धंधा करते हैं। इसके लिए ग्रामीणों ने गांव से बाहर खेतों में टीन शेड और पिन्नी के छप्पर डाल कर गोदाम बना रखें हैं। ग्रामीणों के मुताबिक शुक्रवार की रात को डेढ़ बजे रियाज अंसारी के कपड़े के गोदाम से आग की लपटें उठतीं दिखाईं दीं। ग्रामीणों ने बाल्टियों और पानी की मोटरों के पाइपों से आग बुझाने का प्रयास किया। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। आग की लपटें तेज होने की वजह से ग्रामीण आग लगाने वाले गोदाम तक नहीं पहुंच पाए। कुछ ही देर में आग सानिव अंसारी, मोहम्मद रफी अंसारी, मोहम्मद शफी अंसारी, साहिल, तंजीम अंसारी, जमील अंसारी, असलम अंसारी, मुनाजिर अंसारी अहमद नवी, नबिया अंसारी, जुनैद अंसारी के 27 गोदामों तक पहुंच गई। प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार पुलिस बल को लेकर मौके पर पहुंचे और आग बुझाने के लिए जिला मुख्यालय से फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को बुलाया। जब तक कपड़े के गोदाम राख में तब्दील हो चुके थे। शनिवार की सुबह आठ बजे तक राख के ढेरों से धुआं उठता दिखाई दिया। गोदाम मालिकों और उनके परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है।
फायर ब्रिगेड केंद्र बनाने की उठी मांग
ग्रामीणों का कहना है कि प्रतिवर्ष आग लगने से करोड़ों रुपए कीमत का कपड़ा जलकर राख हो रहा है। अगर फायर ब्रिगेड केंद्र निकट में होता तो आग पर समय रहते काबू पाया जा सकता था। पर जिला मुख्यालय से फायर ब्रिगेड के आने में दो घंटे से अधिक समय लगा तब तक आग तांडव मचा चुकी थी। फायर ब्रिगेड के वाहनों ने तो मात्र राख के ढेरों से उठ रहे धुंए पर पानी की बौछारें की और चले गए।
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