
मुरादाबाद, अमृत विचार। गुजराती मोहल्ला स्थित प्राचीन श्री सीताराम मंदिर एवं 111 नर्मदेश्वर शिवलिंग मंदिर शिवभक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। हर साल सावन में मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है। भोलेनाथ के जयघोष, घंटियों की मधुर ध्वनि और मंत्रोच्चार से वातावरण भक्तिमय बना है। शहर ही नहीं, आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक और श्रीराम के दर्शन करते हैं।
मंदिर के पुजारी पंडित हरिकृष्ण दुबे ने बताया कि मंदिर लगभग 40 वर्ष पुराना है और वर्षों से श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का केंद्र बना है। मंदिर प्रतिदिन सुबह 7:00 बजे खुलता है और दोपहर 11:30 बजे तक दर्शन होते हैं। इसके बाद शाम 4:00 बजे मंदिर के कपाट दोबारा खुलते हैं, जहां रात 9:00 बजे तक श्रद्धालु पूजाअर्चना कर सकते हैं। मंदिर के पुजारी ने बताया कि सावन में कांवड़िए पूरे दिन किसी भी समय मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक कर सकते हैं, उनके लिए विशेष व्यवस्था की गई है।
सावन के दौरान मंदिर परिसर में विशेष रुद्राभिषेक, जलाभिषेक और शिव पूजन का आयोजन किया जा रहा है। ‘हरहर महादेव’ और ‘बोल बम’ का जयघोष मंदिर परिसर में गूंजता रहता है। गुजराती मोहल्ला स्थित यह मंदिर आज भी मुरादाबाद के प्रमुख धार्मिक स्थलों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए है। सावन में यहां उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ इसकी धार्मिक महत्ता का प्रमाण है।
नर्मदा नदी से प्राप्त प्राकृतिक शिलाओं से बने 111 शिवलिंग यहां हैं स्थापित
इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यहां स्थापित 111 नर्मदेश्वर शिवलिंग हैं। नर्मदा नदी से प्राप्त प्राकृतिक शिलाओं से बने इन शिवलिंगों का सनातन परंपरा में विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। श्रद्धालु सभी शिवलिंगों पर जल, दूध, बेलपत्र, भांग, धतूरा और पुष्प अर्पित कर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से की गई पूजा से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं तथा जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है।
मंदिर के गर्भगृह में भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के विग्रह विराजमान हैं। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। यहां प्रतिदिन नियमित आरती, भजनकीर्तन और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं। रामनवमी, दीपावली, महाशिवरात्रि और सावन के सभी सोमवारों पर मंदिर में विशेष धार्मिक कार्यक्रम होते हैं, जिनमें हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं।
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