Morning Energy Foods After 40: उम्र बढ़ने के साथ शरीर की पोषण संबंधी जरूरतें बदल जाती हैं। 40 की उम्र के बाद सुबह की शुरुआत ऐसे खाद्य पदार्थों से करना फायदेमंद हो सकता है, जो शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा दें और इसके साथ ही शरीर को प्रोटीन, फाइबर, हेल्दी फैट और जरूरी पोषक तत्व भी मिले।

एक उम्र के बाद अकसर सुबह उठने के बाद थकान, सुस्ती या कमजोरी महसूस होने की समस्या आम हो जाती है। खासकर 40 की उम्र के बाद शरीर को केवल कैलोरी की जरूरत नहीं होती है, बल्कि पर्याप्त प्रोटीन, फाइबर, कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट, हेल्दी फैट, विटामिन और मिनरल्स की जरूरत भी होती है। ऐसे में नाश्ते में सही खाद्य पदार्थों को शामिल करना दिन की शुरुआत को बेहतर बना सकता है।
अगर सुबह सिर्फ चाय, कॉफी या मीठी चीजों से दिन की शुरुआत की जाए, तो कुछ समय के लिए ऊर्जा महसूस हो सकती है, लेकिन बाद में भूख और सुस्ती बढ़ सकती है। इसके बजाय ऐसा नाश्ता चुनना चहिए, जिसमें प्रोटीन और फाइबर के साथ कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट हों।
ओट्स से करें दिन की शुरुआत
ओट्स कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट और फाइबर का अच्छा स्रोत हैं। इनमें मौजूद फाइबर पाचन को धीमा करता है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस हो सकता है। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। ओट्स में दूध या दही, केला, सेब, चिया सीड्स और कुछ बादाम या अखरोट मिलाकर खा सकते हैं।
केला और नट्स का कॉम्बिनेशन
केला सुबह के समय आसानी से मिलने वाला ऊर्जा स्रोत है। इसमें कार्बोहाइड्रेट और पोटैशियम होता है। इसके साथ बादाम, अखरोट या मूंगफली लेने से नाश्ते में हेल्दी फैट और प्रोटीन भी जुड़ जाता है। सिर्फ केला खाने के बजाय उसे कुछ नट्स या दही के साथ लेना अधिक संतुलित विकल्प हो सकता है।
दही या ग्रीक योगर्ट
40 की उम्र के बाद मांसपेशियों को मजबूत बनाए रखने के लिए पर्याप्त प्रोटीन लेना महत्वपूर्ण है। दही और ग्रीक योगर्ट का सेवन नाश्ते में करने से प्रोटीन से दिन की शुरुआत करना आसान हो जाता है। इसे फल, चिया सीड्स, अलसी या कुछ नट्स के साथ लिया जा सकता है। इससे आपको हेल्दी फैट भी मिल जाता है।
अंडे और साबुत अनाज
अगर आप अंडे खाते हैं, तो सुबह का नाश्ता अंडे और साबुत अनाज से बनाया जा सकता है। अंडे उच्च गुणवत्ता वाले प्रोटीन का स्रोत हैं, जबकि मल्टीग्रेन रोटी या होलग्रेन टोस्ट से कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट और फाइबर मिल सकता है। इसके साथ पालक, टमाटर या अन्य सब्जियां जोड़ने से नाश्ता और पौष्टिक हो जाता है।
मूंग, चना और दाल
शाकाहारी लोगों के लिए मूंग, चना और अन्य दालें सुबह के नाश्ते में अच्छे विकल्प हो सकते हैं। इनमें प्रोटीन, फाइबर और कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट पाए जाते हैं। आप मूंग चीला, बेसन चीला, चना चाट या दाल के साथ मल्टीग्रेन रोटी जैसे विकल्प चुन सकते हैं।
बीजों को नाश्ते का हिस्सा बनाएं
चिया सीड्स, अलसी और कद्दू के बीज जैसे बीज हेल्दी फैट, फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्व प्रदान करते हैं। इनका इस्तेमाल ओट्स, दही, स्मूदी या सलाद में किया जा सकता है। हालांकि, मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है क्योंकि बीज कैलोरी से भरपूर भी होते हैं।
फल जरूर शामिल करें
फल शरीर को कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, विटामिन, मिनरल्स और अन्य प्रदान करते हैं। केला, सेब, संतरा, पपीता, अमरूद और मौसमी फल नाश्ते का हिस्सा बनाए जा सकते हैं। हालांकि, बेहतर संतुलन के लिए फल को सिर्फ अकेले खाने के बजाय दही, नट्स या किसी के साथ लेना उपयोगी हो सकता है।
40 के बाद सुबह का नाश्ता कैसा होना चाहिए?
एक संतुलित नाश्ते में कोशिश करनी चाहिए कि ये चार चीजें शामिल हों
- प्रोटीन: दही, अंडे, मूंग, चना या पनीर
- कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट: ओट्स, दलिया, साबुत अनाज
- हेल्दी फैट: बादाम, अखरोट, चिया या अलसी
- फाइबर: फल, सब्जियां और साबुत अनाज
एक आसान भारतीय ब्रेकफास्ट कॉम्बिनेशन
मूंग दाल चीला + दही + एक फल
या
ओट्स + दूध/दही + केला + बादाम + चिया सीड्स
या
2 अंडे + मल्टीग्रेन रोटी + सब्जियां
सिर्फ खाना ही नहीं, सुबह की थकान का कारण जानना भी है जरूरी
अगर 40 की उम्र के बाद रोज सुबह उठने पर अत्यधिक थकान रहती है, तो इसे केवल डाइट की कमी मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। पर्याप्त नींद न मिलना, तनाव, डिहाइड्रेशन, एनीमिया, थायरॉयड से जुड़ी समस्या, ब्लड शुगर में बदलाव या नींद से जुड़ी समस्याएं भी लगातार थकान का कारण हो सकती हैं।