Pilibhit News: बारिश ने खोली अधूरी पुलिया निर्माण की पोल, वैकल्पिक मार्ग बना तालाब; घुटनों तक पानी में फंसे राहगीर

Pilibhit News: बारिश ने खोली अधूरी पुलिया निर्माण की पोल, वैकल्पिक मार्ग बना तालाब; घुटनों तक पानी में फंसे राहगीर
Pilibhit News: बारिश ने खोली अधूरी पुलिया निर्माण की पोल, वैकल्पिक मार्ग बना तालाब; घुटनों तक पानी में फंसे राहगीर

पीलीभीत। शनिवार की तेज बारिश ने जहां लोगों को गर्मी और उमस से राहत दिलाई, वहीं लोक निर्माण विभाग की धीमी कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में आ गई। पीलीभीतमाधोटांडा मार्ग पर निर्माणाधीन पुलिया के कारण बनाए गए वैकल्पिक रास्ते पर भारी जलभराव हो गया, जिससे सड़क तालाब जैसी दिखाई देने लगी। हालात ऐसे रहे कि पैदल राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों को घुटनों तक पानी में उतरकर रास्ता पार करना पड़ा, जबकि चारपहिया वाहन बेहद धीमी रफ्तार से निकलते रहे।

दो साल बाद भी अधूरा है पुलिया निर्माण

लोक निर्माण विभाग ने करीब दो वर्ष पहले इस मार्ग पर पुलियों के निर्माण का कार्य शुरू कराया था, लेकिन अब तक परियोजना पूरी नहीं हो सकी है। हाल ही में पुलियों पर लिंटर डाला गया है, लेकिन निर्माण कार्य अधूरा होने के कारण यातायात अभी भी अस्थायी वैकल्पिक मार्ग से संचालित किया जा रहा है।

जमुनिया गांव के पास सबसे अधिक बिगड़े हालात

शनिवार को जमुनिया गांव के समीप स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर रही। पुलिया निर्माण के चलते पानी की निकासी बाधित हो गई थी, जिससे बारिश का पानी खेतों में भरने लगा। फसल बचाने के लिए किसानों ने पानी की निकासी का रास्ता खोल दिया। इसके बाद तेज बहाव के साथ पानी सीधे वैकल्पिक सड़क पर पहुंच गया और पूरा मार्ग जलमग्न हो गया।

वाहनों की लगी कतार, बाइक सवारों को सबसे ज्यादा परेशानी

जलभराव के कारण सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। कार और अन्य चारपहिया वाहन धीरेधीरे आगे बढ़ते रहे, जबकि दोपहिया वाहन चालकों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। कई लोगों को अपनी बाइक हाथ से पकड़कर पानी के बीच से निकालनी पड़ी।

ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार पर उठाए सवाल

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यदि पुलिया निर्माण समय पर पूरा हो गया होता तो हर बारिश में ऐसी समस्या नहीं होती। उनका आरोप है कि करीब 30 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर छह से अधिक स्थानों पर पुलिया निर्माण की गति बेहद धीमी है, जिससे क्षेत्र के लोगों को लंबे समय से परेशानी झेलनी पड़ रही है।

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