Sultanpur News: 10 लाख की वित्तीय अनियमितता के आरोप में शिवगढ़ समिति के सचिव शिशिर तिवारी निलंबित, 15 दिन में मांगी जांच रिपोर्ट

Sultanpur News: 10 लाख की वित्तीय अनियमितता के आरोप में शिवगढ़ समिति के सचिव शिशिर तिवारी निलंबित, 15 दिन में मांगी जांच रिपोर्ट
Sultanpur News: 10 लाख की वित्तीय अनियमितता के आरोप में शिवगढ़ समिति के सचिव शिशिर तिवारी निलंबित, 15 दिन में मांगी जांच रिपोर्ट

लम्भुआ/सुल्तानपुर, अमृत विचार। सहकारिता विभाग में वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों पर विकास खंड लम्भुआ स्थित साधन सहकारी समिति शिवगढ़ के सचिव शिशिर तिवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई जिला प्रशासनिक समिति की 25 जून 2026 को हुई बैठक में लिए गए निर्णय के आधार पर की गई। विभाग ने पूरे मामले की जांच के लिए जांच अधिकारी नियुक्त करते हुए 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

जांच में सामने आए कई गंभीर आरोप

सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक, सहकारिता की ओर से जारी निलंबन आदेश के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सचिव शिशिर तिवारी पर कई गंभीर वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि उन्होंने समिति के संचालन में नियमों की अनदेखी की, पूर्व अध्यक्ष के साथ संयुक्त हस्ताक्षर से वित्तीय लेनदेन किए, समिति के खातों के संचालन में अनियमितता बरती और सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना सचिव पद का कार्यभार संभाला। इसके अलावा करीब 10 लाख रुपये की जमा राशि से जुड़े मामलों में भी निर्धारित नियमों का पालन नहीं किए जाने की बात सामने आई है।

नवनियुक्त सचिव को सौंपना होगा पूरा चार्ज

निलंबन अवधि के दौरान शिशिर तिवारी को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। साथ ही उन्हें साधन सहकारी समिति चौकिया के नवनियुक्त सचिव आकाश सिंह को समिति के सभी अभिलेख, चार्ज सूची और अन्य आवश्यक दस्तावेज विधिवत हस्तांतरित करने के निर्देश दिए गए हैं।

15 दिन में जांच रिपोर्ट देने के निर्देश

पूरे मामले की विस्तृत जांच की जिम्मेदारी अपर जिला सहकारी अधिकारी एवं जांच अधिकारी जयराम सिंहपुर को सौंपी गई है। जांच अधिकारी को 15 दिनों के भीतर अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक, सहकारिता सुल्तानपुर के समक्ष प्रस्तुत करनी होगी।

पारदर्शिता और जवाबदेही पर विभाग का जोर

सहकारिता विभाग के अधिकारियों का कहना है कि विभाग में पारदर्शिता, वित्तीय अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

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