TATA ने केलल 100 रुपए में क्यों बेच दिया अपना चर्चित फुटबॉल क्लब, ये है पूरा मामला

TATA ने केलल 100 रुपए में क्यों बेच दिया अपना चर्चित फुटबॉल क्लब, ये है पूरा मामला

टाटा स्टील ने जमशेदपुर फुटबॉल क्लब से अपना पूरा मालिकाना हक खत्म करने का फैसला किया है. कंपनी ने फुटबॉल क्लब चलाने वाली जमशेदपुर फुटबॉल एंड स्पोर्टिंग प्राइवेट लिमिटेड में अपनी 100% हिस्सेदारी चर्चिल ब्रदर्स स्पोर्ट्स क्लब प्राइवेट लिमिटेड को सिर्फ ₹100 में ट्रांसफर करने की मंजूरी दे दी है.

यह फैसला भारतीय फुटबॉल और खासकर इंडियन सुपर लीग के लिए काफी अहम माना जा रहा है. टाटा स्टील के पास JFSPL के करीब 4.08 करोड़ शेयर थे. अब इन सभी शेयरों को चर्चिल ब्रदर्स को सौंपा जाएगा. हालांकि, यह सौदा अभी पूरी तरह पूरा नहीं हुआ है. इसके लिए ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन की मंजूरी मिलना समेत कुछ जरूरी बाकी है.

चर्चिल ब्रदर्स पास होगी फुलबॉल क्लब की कमान

गोवा का चर्चिल ब्रदर्स करीब चार दशक पुराना फुटबॉल क्लब है. क्लब ने Iलीग का खिताब दो बार जीता है. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। सौदे के तहत जमशेदपुट फुटबॉल क्लब का ISL स्पोर्टिंग लाइसेंस भी चर्चिल ब्रदर्स को मिलेगा. इसके साथ क्लब के खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ के कॉन्ट्रैक्ट भी ट्रांसफर किए जाएंगे. चर्चिल ब्रदर्स सितंबर 2026 से इन कॉन्ट्रैक्ट्स की जिम्मेदारी संभालेगा. इसमें 12 खिलाड़ी और दो कोच शामिल हैं.

टाटा स्टील ने क्लब क्यों छोड़ा?

टाटा स्टील का यह फैसला ऐसे समय आया है जब कंपनी पहले ही बता चुकी थी कि जमशेदपुर फुटबॉल क्लब 202627 के ISL सीजन में हिस्सा नहीं लेगा. ISL की कमाई और बिजनेस मॉडल को लेकर भी पिछले कुछ समय से सवाल उठ रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लीग के मीडिया राइट्स की कीमत में बड़ी गिरावट आई है. बताया गया है कि JioStar पहले करीब ₹275 करोड़ सालाना दे रहा था, जबकि 202526 सीजन के लिए FanCode की ओर से करीब ₹8.6 करोड़ की पेशकश की गई थी. भारतीय फुटबॉल में दूसरे बड़े बदलाव भी देखने को मिले हैं. मैनचेस्टर सिटी के मालिक सिटी फुटबॉल ग्रुप ने पिछले साल Mumbai City FC से बाहर निकलने का फैसला किया था.

भारतीय फुटबॉल में हजारों करोड़ का निवेश

पिछले करीब 15 सालों में भारतीय फुटबॉल के पूरे इकोसिस्टम में बड़ी मात्रा में पैसा लगाया गया है. बाजार के अनुमानों के मुताबिक, इस दौरान ₹5,000 करोड़ से ज्यादा का नुकसान भी हुआ है. ऐसे माहौल में टाटा स्टील का जमशेदपुर फुटबॉल क्लब से बाहर निकलना फुटबॉल कारोबार की चुनौतियों को दिखाता है. हालांकि टाटा स्टील ने साफ किया है कि वह फुटबॉल से पूरी तरह दूरी नहीं बना रही है. कंपनी ग्रासरूट और यूथ फुटबॉल पर अपना निवेश जारी रखेगी.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *