
लखनऊ, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार देर रात पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 15 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए। इस फेरबदल में लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर समेत कई महत्वपूर्ण पदों पर नए अधिकारियों की तैनाती की गई है। साथ ही कुछ अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।
तरुण गाबा को मिली लखनऊ की जिम्मेदारी
सरकार ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी तरुण गाबा को लखनऊ का नया पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया है। राजधानी की कानूनव्यवस्था, ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी अब उनके कंधों पर होगी।
अमरेंद्र के. सेंगर बने डीजी अभिसूचना
अब तक लखनऊ के पुलिस कमिश्नर रहे अमरेंद्र के. सेंगर को हटाकर डीजी अभिसूचना बनाया गया है। इसके साथ ही उन्हें डीजी सुरक्षा का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।
प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर में भी बदलाव
तबादला सूची में कई अन्य अहम अधिकारियों की भी नई तैनाती की गई है।
वाराणसी जोन के एडीजी पीयूष मोर्डिया को प्रयागराज का पुलिस कमिश्नर बनाया गया है।
वहीं एडीजी तकनीकी सेवाएं नवीन अरोड़ा को वाराणसी जोन का नया एडीजी नियुक्त किया गया है।
इसके अलावा एडीजी लॉजिस्टिक राम कुमार को गोरखपुर जोन का एडीजी बनाया गया है।
अशोक मुथा बने डीजी फायर सर्विस
सरकार ने अशोक मुथा को डीजी फायर सर्विस की जिम्मेदारी सौंपी है। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। उनसे प्रदेश की अग्निशमन सेवाओं को और बेहतर बनाने की उम्मीद की जा रही है।
कई आईजी स्तर के अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारी
तबादला सूची में आईजी रैंक के अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में भी बदलाव किया गया है।
- धर्मवीर को आईजी पीएसी पूर्वी जोन, प्रयागराज बनाया गया है।
- मोहित गुप्ता को आईजी भ्रष्टाचार निवारण संगठन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
- विनोद कुमार सिंह को आईजी विशेष जांच बनाया गया है।
- जोगेंद्र कुमार को आईजी पीटीएस मुरादाबाद नियुक्त किया गया है।
- आनंद सुरेशराव कुलकर्णी को सचिव बनाया गया है।
पुलिस प्रशासन को मजबूत करने की कवायद
सरकार का कहना है कि यह प्रशासनिक फेरबदल बेहतर कानूनव्यवस्था, प्रभावी पुलिसिंग और प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने के उद्देश्य से किया गया है। नई जिम्मेदारी पाने वाले अधिकारी जल्द ही अपना कार्यभार संभालेंगे।
इस बड़े फेरबदल के बाद प्रदेश के कई महत्वपूर्ण पदों पर नई टीम काम करती नजर आएगी। माना जा रहा है कि आने वाले समय में इसका असर पुलिस प्रशासन की कार्यशैली और कानूनव्यवस्था पर भी देखने को मिलेगा।