उरई उत्तर प्रदेश में अपनी कार्यशैली और बयानों को लेकर लगातार चर्चा में रहने वाले आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही एक बार फिर विवादों में आ गए हैं। इस बार मामला उरई सदर की नई तहसील में कार्यालय कक्ष नहीं मिलने का है। सोमवार को वह अपने कार्यालय की फाइलें, अभिलेख और फर्नीचर लेकर तहसील परिसर पहुंचे। काफी देर तक कमरा नहीं मिलने पर उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्यालय कक्ष उपलब्ध नहीं कराया गया तो सरकारी अभिलेखों की सुरक्षा के लिए वह तहसील परिसर के गेट पर ही चारपाई डालकर बैठेंगे।
करीब दो घंटे तक किया इंतजार
जानकारी के अनुसार, एसडीएम न्यायिक रिंकू सिंह राही सोमवार शाम अपने कार्यालय का सामान लेकर नई तहसील पहुंचे। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। उन्होंने काफी देर तक कार्यालय कक्ष खुलने का इंतजार किया, लेकिन किसी कमरे का ताला नहीं खोला गया। इस दौरान वह परिसर में टहलते रहे और अधिकारियों से कार्यालय उपलब्ध कराने की मांग करते रहे।
सरकारी अभिलेखों की सुरक्षा का दिया हवाला
शाम करीब सात बजे रिंकू सिंह राही ने कहा कि यदि उन्हें तत्काल कार्यालय कक्ष नहीं मिला तो वह सरकारी अभिलेखों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए परिसर में ही फोल्डिंग या चारपाई डालकर रुकेंगे। उनका कहना था कि कार्यालय और रिकॉर्ड सुरक्षित रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
नायब तहसीलदार ने बताया, देर से मिला था पत्र
मामले की जानकारी मिलने के बाद नायब तहसीलदार राहुल मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि कार्यालय आवंटन से संबंधित पत्र देर से प्राप्त हुआ था। इसके बाद आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर एसडीएम न्यायिक के लिए कार्यालय कक्ष उपलब्ध करा दिया गया।
पहले भी कई मामलों को लेकर रहे चर्चा में
आईएएस रिंकू सिंह राही इससे पहले भी कई कारणों से सुर्खियों में रहे हैं। पांच मई को उन्हें जालौन तहसील में एसडीएम के पद पर तैनात किया गया था। बाद में एक कोल्ड स्टोरेज के निरीक्षण को लेकर विवाद सामने आया। इसके बाद 30 जून को उनका तबादला एसडीएम न्यायिक उरई सदर के पद पर किया गया।
इसके बाद नगरपालिका के कार्यों की जांच के दौरान अधिशासी अधिकारी से भी उनका विवाद चर्चा में रहा। वहीं, नौ जुलाई को उन्होंने शासन को संबोधित एक पत्र सोशल मीडिया पर साझा किया था, जिसमें आधे काम के बदले आधा वेतन दिए जाने की बात कही गई थी।
नई तहसील में चल रहा है स्थानांतरण कार्य
उरई सदर तहसील का नया भवन तैयार होने के बाद पुराने अस्थायी कार्यालय से नए परिसर में स्थानांतरण की प्रक्रिया जारी है। इसी दौरान विभिन्न कार्यालयों के कक्ष आवंटित किए जा रहे हैं। एसडीएम न्यायिक भी अपने कार्यालय के लिए अलग कक्ष चाहते थे, ताकि वकीलों और वादकारियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।