Quick Samachar: उत्तर भारत में कई मौसमीय सिस्टम एक साथ सक्रिय हैं. इनके कारण आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा. इस बदलाव की कड़ी में कहीं बादल छाए रहेंगे, कहीं तेज हवाएं चलेंगी तो कुछ इलाकों में बारिश की संभावना है. हालांकि, उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में मौसम गर्म रह सकता है. इस संभावना को देखते हुए मौसम विभाग ने प्रदेश के दो दर्जन से अधिक जिलों में लू और भीषण गर्मी को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है.

UP Weather Update: यूपी के 25 से ज्यादा जिलों में लू का अलर्ट, द्रोणी और पश्चिमी विक्षोभ कैसे बदल रहा मौसम?​
UP Weather Update: यूपी के 25 से ज्यादा जिलों में लू का अलर्ट, द्रोणी और पश्चिमी विक्षोभ कैसे बदल रहा मौसम?​

उत्तर प्रदेश में कैसा रहेगा तापमान?

उत्तर प्रदेश में अगले दो से तीन दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री तक की बढ़ोतरी हो सकती है. हालांकि, उसके बाद कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, ऐसा मौसम विभाग का अनुमान है. वहीं, न्यूनतम तापमान में किसी प्रकार के बदलाव की संभावना नहीं है.

उत्तर प्रदेश के किन जिलों में चलेगी लू?

मौसम विभाग ने अंबेडकरनगर, अमेठी, अयोध्या, आजमगढ़, बहराइच, बलरामपुर, बांदा, बाराबंकी, चंदौली, चित्रकूट, फतेहपुर, गाजीपुर, गोंडा, जौनपुर, कौशांबी, लखीमपुर खीरी, मिर्जापुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज, रायबरेली, भदोही, सीतापुर, सोनभद्र, श्रावस्ती, सुल्तानपुर और वाराणसी में लू चलने की चेतावनी जारी की है.

वहीं बागपत, गाजियाबाद, फतेहपुर, बांदा, चित्रकूट, रायबरेली, मैनपुरी, कन्नौज, इटावा, औरैया तथा फर्रुखाबाद समेत कई जिलों में भीषण गर्मी पड़ने की आशंका जताई गई है. मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी है.

द्रोणी का असर

पंजाब से लेकर बिहार तक, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के रास्ते एक मौसमीय रेखा बनी हुई है, जिसके कारण इन क्षेत्रों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है.

क्या होती है द्रोणी?

द्रोणी यानी अंग्रेजी में टर्फ और सरल भाषा में आसमान में कम दबाव की एक लंबी हवा की पट्टी होती है. इसमें दो अलगअलग दिशाओं से आ रही हवाएं आपस में टकराती हैं. इसे और आसान भाषा में समझें तो जब ठंडी और गर्म हवाएं मिलती हैं, तो एक कम दबाव का क्षेत्र बनता है. इस मौसमी सिस्टम से जो हवा की लंबी पट्टी या रेखा बनती है, उसे ही द्रोणिका कहा जाता है.

बारिश में इसकी भूमिका

इसके प्रभाव वाले क्षेत्रों में हवा का दबाव कम हो जाता है, जिससे हवा ऊपर उठती है, ठंडी होती है, बादल बनते हैं और गरजचमक के साथ बारिश की स्थिति पैदा होती है

नया पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय

द्रोणी के अलावा, एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय हो रहा है, जो उत्तरपश्चिम भारत की ओर बढ़ रहा है. इसके प्रभाव से आने वाले दिनों में मौसम में परिवर्तन, तेज हवाएं और कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना बन सकती है.

उत्तरपश्चिम उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों के ऊपर हवा का एक चक्रवाती सिस्टम बना हुआ है, जो स्थानीय स्तर पर मौसम गतिविधियों को बढ़ावा दे रहा है.

वहीं, उत्तर पाकिस्तान और आसपास के क्षेत्र में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ अब पूर्वउत्तरपूर्व दिशा की ओर आगे बढ़ गया है. इसके असर से उत्तर भारत के कई हिस्सों में मौसम बदल सकता है और कुछ क्षेत्रों में बादल के छाए रहने, तेज हवाएं चलने या हल्की बारिश होने की संभावना है.