World Jump Day 2026: वर्ल्ड जंप डे हर साल 20 जुलाई को मनाया जाता है। इसका मकसद शारीरिक गतिविधि और सेहत को बढ़ावा देना है। वर्ल्ड जंप डे पर सभी उम्र के लोगों को उठने और कूदनेफांदने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। कूदना एक्सरसाइज़ करने और तनाव कम करने का एक शानदार तरीका है।

वर्ल्ड जंप डे का इतिहास
वर्ल्ड जंप डे के कॉन्सेप्ट को एक जर्मन आर्टिस्ट, टॉर्स्टन लॉशमैन ने प्रमोट किया था। पहला इवेंट 20 जुलाई, 2006 को हुआ था। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। लॉशमैन ने इस दिन को प्रमोट करने के लिए एक वेबसाइट बनाई थी। जब साइट पर लगभग 600,256,820 रजिस्टर्ड जंपर्स जुड़ गए, तो लॉशमैन ने ग्लोबल वार्मिंग के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए कूदने की गतिविधि को एक आर्ट इंस्टॉलेशन के तौर पर पेश किया।
वर्ल्ड जंप डे का उद्येश्य
इस दिन का मकसद असल में पृथ्वी की कक्षा को बदलना, दिन के उजाले के घंटों को बढ़ाना और पूरी दुनिया में एक जैसा मौसम बनाना था। वर्ल्ड जंप डे पर दुनिया भर के लोगों को ठीक 11:39:13 बजे कूदने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
ग्रीनविच मीन टाइम यानी GMT के अनुसार, इससे के बीच की दूरी बढ़ जाएगी, जिससे ग्लोबल वार्मिंग का खतरा कम हो जाएगा। यह इस थ्योरी पर आधारित है कि पृथ्वी के द्रव्यमान में बदलाव से पृथ्वी की कक्षा में अंतर आएगा। लॉशमैन का मानना था कि इससे ग्लोबल वार्मिंग को कम करने में मदद मिलेगी।
वैज्ञानिक तौर पर पृथ्वी की कक्षा को हमेशा के लिए बदलना मुमकिन नहीं है और ऐसे कूदने से खत्म नहीं होती है।
कूदने के प्रकार
- लॉन्ग जंप
- ट्रिपल जंप
- पोल वॉल्ट
- हाई जंप
कूदने के 10 फायदे
- मेटाबॉलिज्म को बढ़ावा देता है
- ऑक्सीजन के संचार को बढ़ाता है
- मांसपेशियों को मजबूत और सुडौल बनाता है
- दिल को मजबूत करता है
- ऊर्जा बढ़ाता है
- हड्डियों को मजबूत करता है
- तालमेल, संतुलन और फुर्ती को बेहतर बनाता है
- मूड को अच्छा करता है और एंडोर्फिन रिलीज करता है
- कैलोरी बर्न करता है और वजन को नियंत्रित करने में मदद करता है
- लिम्फैटिक सर्कुलेशन और डिटॉक्सिफिकेशन को बढ़ावा देता है