World Lung Cancer Day: अचानक सांस फूलना…फेफड़ों की खराबी या दिल की बीमारी? डॉक्टर से जानें

World Lung Cancer Day: अचानक सांस फूलना…फेफड़ों की खराबी या दिल की बीमारी? डॉक्टर से जानें

हर साल 1 अगस्त के दिन को वर्ल्ड लंग्स कैंसर डे रूम में मनाया जाता है. फेफड़ों का स्वास्थ्य अगर ठीक नहीं है तो ऐसे में सांस फूलने और दूसरी हेल्थ प्रॉब्लम्स होती हैं. अचानक सांस फूलना एक गंभीर हेल्थ प्रॉब्लम का संकेत है. और इसे कभी भी नॉर्मल समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. अधितकर लोगों में ये कंफ्यूजन रहती है कि अगर अचानक सांस फूल रही है तो ये दिल से जुड़ी समस्या है या फिर हमारे फेफड़ों में कोई दिक्कत है. भारत में दिल के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है.

World Lung Cancer Day: अचानक सांस फूलना…फेफड़ों की खराबी या दिल की बीमारी? डॉक्टर से जानें

कहती है कि आबरत में दिल की बीमारियों और हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. इसमें 24 से 31 फीसदी मौतों का कारण कार्डियोवैस्कुलर डिजीज होती हैं. चिंता वाली बात है कि यंग एज में लोग इसकी चपेट ज्यादा आ रहे हैं.

एयर पॉल्यूशन, खानपान में कमी, ठीक से देखरेख न करना समेत कई कारण हैं जो हार्ट अटैक की वजह बनते हैं. यहां हम अचानक सांस फूलने की बात कर रहे हैं. ऐसा होने पर ये समस्या दिल की है या फेफड़ों… चलिए आपको एक्सपर्ट के जरिए बताते हैं.

फेफड़ों की खराबी के प्रमुख संकेत

डॉ. प्रणय विनोद का कहना है कि हमारे दिल और फेफड़े शरीर के हर हिस्से में ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए एक टीम की तरह मिलकर काम करते हैं. इसलिए किसी भी एक अंग में रुकावट आने पर सीधा असर सांसों की गति पर पड़ता है. उनके मुताबिक अगर सांस फूलने का पहला कारण फेफड़े हैं , तो मरीजों में आमतौर पर ये लक्षण दिखाई देते हैं:

घरघराहट : सांस लेते या छोड़ते समय छाती से सीटी जैसी बारीक आवाज आना.

लगातार खांसी: बलगम या कफ के साथ लगातार तेज खांसी आना.

सीने में जकड़न: ऐसा महसूस होना कि फेफड़े पूरी तरह खुल नहीं पा रहे हैं और हवा अंदर नहीं जा रही है.

खांसी में खून: खांसी के साथ ताज़ा खून या बलगम में मिला हुआ खून

सीने में दर्द: गहरी सांस लेने पे छाती में दर्द या सांस की तकलीफ के साथ छाती में दर्द.

दिल की बीमारी के प्रमुख संकेत

अगर प्रॉब्लम सीधे दिल से जुड़ी है , तो शरीर में ये विशेष बदलाव दिखते हैं:

लेटना मुश्किल होना : सीधे पीठ के बल लेटने पर सांस बहुत ज्यादा फूलने लगती है, जबकि उठकर बैठ जाने पर मरीज को आराम मिलता है.

पैरों में सूजन : दिल की पंपिंग क्षमता कमजोर होने के कारण शरीर के निचले हिस्सों, जैसे पैरों, टखनों या तलवों में पानी जमा होने लगता है.

सीने में भारीपन: छाती के बीचोंबीच तेज दर्द, दबाव, भारीपन या निचोड़न जैसा दर्द महसूस होना.

रेफर्ड पेन : छाती से गर्दन, जबड़े, गले, ऊपरी पीठ या बाहों तक फैलने वाला दर्द.

तुरंत आपातकालीन मदद कब लें?

सांस फूलने के साथ इनमें से कोई लक्षण हो तो तुरंत डॉक्टर से मिलें

सीने में दर्द

अत्यधिक पसीना

होंठ या नाखून नीले पड़ना

चक्कर या बेहोशी

आराम करने पर भी सांस न आना

सही कारण कैसे पता चलता है?

सिर्फ लक्षण देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि समस्या दिल की है या फेफड़ों की. कई लक्षण दोनों अंगों की बीमारियों में कॉमन होते हैं. और कभीकभी दोनों अंगों में एक साथ गड़बड़ी भी हो सकती है. सही कारण जानने के लिए चेकअप जरूरी है. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। इसके साथ इंवेस्टीगेशन जैसे ईसीजी, छाती का एक्सरे, सी टी स्कैन, इकोकार्डियोग्राफी, स्पाइरोमेट्री और रक्त जांचों की भी आवश्यकता होती है.

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