
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में थाना कविनगर पुलिस ने एक मुठभेड़ के बाद स्नैचिंग की घटनाओं को अंजाम देने वाले एक शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है। पुलिस की जवाबी फायरिंग में बदमाश के दाहिने पैर में गोली लगी है, जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने आरोपी के पास से लूटे गए सोने से बनी टिक्की, हथियार और घटना में प्रयुक्त वाहन बरामद किया है।
पुलिस बल पर फायरिंग
गाजियाबाद में थाना कविनगर पुलिस देर रात्रि चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान आइडियल (IDL) कॉलेज रोड चौराहा, शताब्दीपुरम के पास पुलिस का सामना इस बदमाश से हुआ। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस बल पर फायरिंग कर दी। पुलिस द्वारा आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी फायरिंग में आरोपी के दाहिने पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपी की पहचान सामने आई
गिरफ्तार आरोपी की पहचान इमरान मंसूरी उर्फ मक्खी के रूप में हुई है, जिसकी उम्र करीब 20 वर्ष है। आरोपी मूल रूप से लोहिया नगर, थाना आदर्श नगर, दिल्ली का रहने वाला है। घायल आरोपी को उपचार के लिए गाजियाबाद के संजय नगर स्थित चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। घायल बदमाश गोविन्दपुरम इलाके में हुई एक लूट की घटना में वांछित था। 11 सितंबर 2026 को आरके पुरम, गोविन्दपुरम की रहने वाली एक महिला ने थाना कविनगर में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया था कि सफेद स्कूटी पर सवार दो अज्ञात बदमाशों ने उनके गले से करीब 5 ग्राम का सोने का मंगलसूत्र छीन लिया था और फरार हो गए थे। इसी मामले का संज्ञान लेते हुए पुलिस ने टीम गठित की थी। आपको बता दें कि हाल ही में गाजियाबाद कीट्रोनिका सिटी थाना पुलिस ने भी दुष्कर्म के मामले में वांछित चल रहे दो आरोपियों को पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था
आरोपी ने लूट की कई वारदातें कबूलीं
पुलिस की पूछताछ में आरोपी इमरान ने मंगलसूत्र लूटने की बात कबूल कर ली है। उसने बताया कि 11 सितंबर की सुबह उसने अपने दोस्त सूरज के साथ मिलकर इस घटना को अंजाम दिया था। सबूत मिटाने और उसे बेचने के उद्देश्य से दोनों ने उस मंगलसूत्र को पिघलाकर सोने की एक टिक्की बना ली थी। इमरान ने यह भी खुलासा किया कि इससे पहले उन दोनों ने मिलकर आरडीसी (RDC) इलाके में अलग-अलग स्थानों से दो मोबाइल भी स्नैच किए थे। गिरफ्तारी के दिन इमरान उसी सोने की टिक्की को बेचने और किसी नई वारदात को अंजाम देने के लिए निकला था। उनका प्लान था कि सामान बेचने से जो भी पैसे मिलते, वे उसे आपस में बराबर बांट लेते। (रिपोर्ट: जुबैर अख्तर)