अब सरकार तय करेगी UPI पर चार्ज लगेगा या नहीं, लोकसभा में पास हुआ संशोधन विधेयक

अब सरकार तय करेगी UPI पर चार्ज लगेगा या नहीं, लोकसभा में पास हुआ संशोधन विधेयक

आजकल हर जगह पेमेंट के लिए हम अपना स्मार्टफोन निकालते हैं और क्यूआर कोड स्कैन कर देते हैं. बिना किसी अतिरिक्त चार्ज के पलक झपकते ही पैसा ट्रांसफर हो जाता है. डिजिटल पेमेंट की इसी सहूलियत ने आम आदमी की जिंदगी को बेहद आसान बना दिया है. लेकिन, अब इस मुफ्त और सुविधाजनक व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है. गुरुवार को लोकसभा में पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स विधेयक, 2026 ध्वनिमत से पास हो गया है. इस अहम बिल के पास होने का मतलब ये है कि आने वाले समय में आपके यूपीआई ट्रांजैक्शन पर सरचार्ज या मर्चेंट डिस्काउंट रेट लगने का कानूनी रास्ता पूरी तरह से साफ हो गया है.

अब सरकार तय करेगी UPI पर चार्ज लगेगा या नहीं, लोकसभा में पास हुआ संशोधन विधेयक

पहले क्या था नियम, अब क्या होगा बदलाव?

अभी तक देश के कानून के मुताबिक, यूपीआई या सरकार द्वारा तय किए गए कुछ अन्य चुनिंदा डिजिटल माध्यमों से पेमेंट करने पर कोई भी बैंक या पेमेंट सर्विस देने वाली कंपनी आपसे एक भी पैसा अतिरिक्त नहीं वसूल सकती थी. यह सेवा ग्राहकों के लिए पूरी तरह से मुफ्त थी. लेकिन नए कानूनी संशोधन ने इस तस्वीर को पूरी तरह से बदल दिया है. नए बिल के तहत अब केंद्र सरकार को यह विशेष अधिकार मिल गया है कि वह खुद तय करेगी कि किनकिन इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट मोड पर चार्ज लगेगा. सरकार आधिकारिक अधिसूचना जारी करके यूपीआई सहित अन्य माध्यमों पर फीस लागू करने की अनुमति दे सकेगी.

सरकार क्यों उठा रही है यह कदम?

संसद में देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह अहम विधेयक पेश किया. यह दरअसल टैक्सेशन से जुड़े एक व्यापक संशोधन बिल का ही एक हिस्सा है. इस बदलाव के पीछे सरकार का स्पष्ट तर्क है कि देश का डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम जिस तेजी से बढ़ रहा है, उसे लंबे समय तक सुरक्षित व मजबूत बनाए रखने के लिए यह कदम जरूरी है. बैंक, पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों के साथसाथ भुगतान का ढांचा तैयार करने वाली संस्थाओं को अपना कामकाज सुचारू रूप से चलाने के लिए कमाई के एक टिकाऊ रेवेन्यू मॉडल की सख्त जरूरत है. पूरी तरह से मुफ्त सेवा देने से इन कंपनियों पर जो वित्तीय दबाव पड़ रहा है, उसे कम करने के लिए ही यह नई व्यवस्था बनाई जा रही है.

आपकी जेब पर इसका क्या पड़ेगा असर?

अब सबसे बड़ा सवाल जो हर आम नागरिक के मन में उठ रहा होगा कि क्या अब हर बार पैसे भेजने पर अतिरिक्त शुल्क देना होगा? फिलहाल आपको तुरंत घबराने की कोई जरूरत नहीं है. अभी तक यह बिल्कुल भी तय नहीं हुआ है कि यूपीआई पर कब, किस पर और कितना चार्ज लगेगा. माना जा रहा है कि अगर मर्चेंट डिस्काउंट रेट लागू भी होता है, तो उसका असर मुख्य रूप से व्यापारी के साथ होने वाले केवल बड़े मूल्य के लेनदेन पर ही पड़ सकता है. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। आम लोगों के बीच यानी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को भेजे जाने वाले पैसे पहले की तरह ही पूरी तरह से निशुल्क रह सकते हैं.

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