आईएईए के प्रस्ताव पर भड़का उत्तर कोरिया​

आईएईए के प्रस्ताव पर भड़का उत्तर कोरिया​

सियोल/प्योंगयांग: उत्तर कोरिया ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी की ओर से उसके परमाणु कार्यक्रम पर पारित प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग ने आईएईए पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके देश की परमाणु शक्ति की स्थिति को बदला नहीं जा सकता।

आईएईए के प्रस्ताव पर प्योंगयांग का पलटवार

आईएईए की 70वीं आम बैठक के दौरान उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को लेकर चिंता जताई गई और प्योंगयांग से परमाणु हथियार कार्यक्रम को समाप्त करने की दिशा में कदम उठाने की अपील की गई। इसके जवाब में किम यो जोंग ने कहा कि ऐसी अंतरराष्ट्रीय अपीलों का उत्तर कोरिया की नीति पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय ने भी प्रस्ताव को खारिज करते हुए कहा कि देश की परमाणु शक्ति की स्थिति ‘अपरिवर्तनीय’ है और इसे उसके परमाणु प्रतिरोधक क्षमता का समर्थन हासिल है।

किम यो जोंग ने आईएईए पर लगाए गंभीर आरोप

किम यो जोंग ने आईएईए पर ‘पक्षपातपूर्ण रवैये और दोहरे मापदंड’ का आरोप लगाया। उनका कहना है कि एजेंसी अमेरिका और दक्षिण कोरिया की परमाणु गतिविधियों पर पर्याप्त ध्यान नहीं देती, जबकि उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाया जा रहा है। ये आरोप उत्तर कोरियाई सरकारी मीडिया के माध्यम से सामने आए हैं।

परमाणु कार्यक्रम को लेकर बढ़ी अंतरराष्ट्रीय चिंता

आईएईए की बैठक से पहले जारी सुरक्षा रिपोर्ट में उत्तर कोरिया की परमाणु गतिविधियों को लेकर चिंता व्यक्त की गई थी। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। रिपोर्ट में यूरेनियम संवर्धन क्षमता में वृद्धि और प्रमुख परमाणु सुविधाओं के विस्तार का उल्लेख किया गया।

आईएईए प्रस्ताव के दौरान बड़ी संख्या में देशों ने उत्तर कोरिया से परमाणु कार्यक्रम को छोड़ने और परमाणु अप्रसार संधि के तहत अपनी अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारियों का पालन करने की अपील की।

अमेरिकादक्षिण कोरिया के साथ तनाव भी मुद्दा

उत्तर कोरिया का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच उत्तर कोरिया के परमाणु एवं सामूहिक विनाश के हथियारों से जुड़ी सुरक्षा तैयारियों पर चर्चा जारी है। किम यो जोंग ने हाल में अमेरिका के नेतृत्व वाले सैन्य अभ्यासों को भी क्षेत्रीय तनाव बढ़ाने वाला बताया था और कहा था कि प्योंगयांग अपनी सुरक्षा के लिए जवाबी कदम उठाएगा।

आगे क्या होगा?

फिलहाल उत्तर कोरिया अपने परमाणु कार्यक्रम को खत्म करने की अंतरराष्ट्रीय मांग को स्वीकार करता दिखाई नहीं दे रहा है। दूसरी ओर, अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान उत्तर कोरिया के पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण की अपनी नीति दोहरा रहे हैं। ऐसे में आईएईए के प्रस्ताव के बाद दोनों पक्षों के बीच कूटनीतिक मतभेद बने रहने की संभावना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *