EPS 2026: रिटायरमेंट के बाद घर चलाने का सबसे बड़ा सहारा पेंशन ही होती है. इसलिए जब भी पेंशन से जुड़ा कोई नया नियम आता है, तो मन में डर बैठना लाजमी है. हाल ही में जब सरकार ने नई कर्मचारी पेंशन योजना लागू की, तो पुराने पेंशनर्स भी घबरा गए. सबको यही फिक्र सता रही थी कि जो पेंशन उन्हें EPS 1995 और EFPS 1971 के तहत मिल रही है, कहीं उस पर तो कोई असर नहीं पड़ेगा?

अगर आपके मन में भी यही सवाल है, तो आपके लिए बहुत अच्छी खबर है. भारत सरकार ने साफ कर दिया है कि नई योजना आने से पुराने पेंशनर्स को कोई नुकसान नहीं होगा. उन्हें पहले की तरह ही अपने सारे फायदे और पेंशन मिलती रहेगी. यह नई व्यवस्था 29 जून 2026 से लागू हो चुकी है, जिसका मकसद केवल काम को आसान बनाना है.
एकदम सुरक्षित है आपका पैसा
हाल ही में श्रम और रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने एक सवाल के लिखित जवाब में बताया था कि नई EPS 2026 योजना जरूर आ गई है, लेकिन यह पुराने लोगों के अधिकारों की पूरी तरह से रक्षा करेगी. उन्होंने सांसद सुधीर गुप्ता के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि जो लोग पहले से पेंशन ले रहे हैं, उनका फंड और पैसा जस का तस रहेगा.
पुरानी पेंशन और फॉर्मूले में कोई बदलाव नहीं
अक्सर नए नियम आने पर लोगों को लगता है कि शायद पेंशन की रकम कम हो जाएगी. लेकिन EPS 2026 में ऐसा कुछ नहीं हुआ है. सरकार ने पेंशन का गणित एकदम पुराना ही रखा है. आपकी न्यूनतम पेंशन कितनी होगी और हर महीने आपकी सैलरी से कितना पैसा कटेगा, यह सब पहले जैसा ही है. महीने की पेंशन आज भी इसी फॉर्मूले से तय होगी
मासिक पेंशन = ÷ 70
इसमें ‘पेंशन योग्य वेतन’ भी उसी तरह निकाला जाएगा, जैसे पहले निकलता था. यानी नौकरी छोड़ने से ठीक पहले के अंतिम 60 महीनों की औसत सैलरी. कुल मिलाकर, पुरानी योजना की हर अच्छी बात इस नई योजना में अपने आप शामिल हो गई है.
बिना अटके सीधे खाते में आएगी पेंशन
अब आप सोचेंगे कि जब सब कुछ पुराना ही है, तो नई योजना क्यों लाई गई? असल में सरकार इस पूरे सिस्टम को आधुनिक और तेज बनाना चाहती है. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। पुरानी व्यवस्था में कई बार कागजी काम ज्यादा होता था और पेंशन मिलने में देरी हो जाती थी. नई योजना को 2020 के सामाजिक सुरक्षा नियमों के हिसाब से तैयार किया गया है. इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि अब पेंशन का सारा काम डिजिटल तरीके से होगा. सरकार की चुनी हुई एजेंसियां सीधा इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से आपके खाते में पैसा भेजेंगी. इसका सीधा मतलब है कि पेंशन क्लेम का निपटारा बहुत तेजी से होगा और हर महीने पेंशन का पैसा बिना किसी देरी या परेशानी के सीधे आपके बैंक खाते में पहुंच जाएगा.
ईपीएस 2026 की मुख्य बातें
| विशेषता | ईपीएस 2026 का प्रावधान |
| मौजूदा EPS 1995 और EFPS 1971 के फायदे | अपने आप जारी रहेंगे |
| लागू होने की तारीख | 29 जून, 2026 |
| पेंशन का फॉर्मूला | कोई बदलाव नहीं |
| योगदान की दरें | कोई बदलाव नहीं |
| पेंशन योग्य सैलरी | पिछले 60 महीनों की औसत सैलरी |
| नई सुविधा | मान्यता प्राप्त एजेंसियों के जरिए डिजिटल तरीके से पेंशन का भुगतान |