क्या विराट कोहली हैं सचिन तेंदुलकर से महान बल्लेबाज? आंकड़े दे रहे हैं गवाही, लेकिन सच कुछ और ही है​

क्या विराट कोहली हैं सचिन तेंदुलकर से महान बल्लेबाज? आंकड़े दे रहे हैं गवाही, लेकिन सच कुछ और ही है​

Sachin Tendulkar : विराट कोहली ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले वनडे में नाबाद 139 रन की शानदार पारी खेलकर एक बार फिर अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाया। इस पारी के दौरान उन्होंने वनडे क्रिकेट में 15 हजार रन भी पूरे कर लिए। इसके साथ ही विराट इस आंकड़े तक पहुंचने वाले दुनिया के दूसरे बल्लेबाज बने।

उनसे पहले यह कारनामा सचिन तेंदुलकर ने किया था। इसके बाद एक पुरानी बहस फिर तेज हो गई है कि क्या वनडे क्रिकेट में विराट सचिन से बेहतर बल्लेबाज हैं? आंकड़े कुछ मामलों में विराट के पक्ष में जरूर दिखाई देते हैं, लेकिन पूरी कहानी सिर्फ रिकॉर्ड से तय नहीं होती।

जिस रिकॉर्ड ने Sachin Tendulkar  को पीछे छोड़ दिया

विराट ने 15 हजार वनडे रन अपनी 303वीं पारी में पूरे किए, जबकि सचिन तेंदुलकर को इसी मुकाम तक पहुंचने में 377 पारियां लगी थीं। यानी विराट ने यह उपलब्धि 74 पारियां कम खेलकर हासिल की। यही आंकड़ा दोनों की तुलना को सबसे ज्यादा दिलचस्प बनाता है।

शतकों के मामले में भी विराट अब सचिन तेंदुलकर से आगे हैं। विराट के नाम 55 वनडे शतक हैं, जबकि सचिन ने अपने वनडे करियर में 49 शतक लगाए थे। औसत की बात करें तो विराट का वनडे औसत भी सचिन से काफी बेहतर रहा है।

लेकिन Sachin Tendulkar के दौर को नजरअंदाज करना पड़ेगा महंगा

यहां सिर्फ आंकड़े देखकर फैसला करना सही नहीं होगा। सचिन तेंदुलकर ने ऐसे दौर में वनडे क्रिकेट खेला, जब खेल के नियम और बल्लेबाजी की परिस्थितियां आज से अलग थीं। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। उन्होंने करीब 24 साल तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलते हुए अलगअलग पीढ़ियों के गेंदबाजों का सामना किया।

सचिन तेंदुलकर के नाम वनडे क्रिकेट में कुल 18,426 रन हैं, जबकि विराट 15 हजार के आंकड़े तक पहुंच चुके हैं। यानी कुल रनों के मामले में सचिन अभी भी काफी आगे हैं। दोनों के करियर की लंबाई और उनके खेलने का दौर भी अलग रहा है।

आंकड़े विराट के पक्ष में, विरासत Sachin Tendulkar की भी उतनी ही बड़ी

अगर तेजी से रन बनाने, औसत और शतक जैसे आंकड़ों को देखें तो विराट कोहली का रिकॉर्ड बेहद मजबूत नजर आता है। लेकिन सचिन तेंदुलकर की उपलब्धियों को सिर्फ इन आंकड़ों से कम नहीं आंका जा सकता। दोनों ने अलगअलग दौर में भारतीय क्रिकेट के लिए बड़ी पारियां खेली हैं।

इसलिए विराट कोहली को वनडे में सचिन से बेहतर बताने के लिए केवल कुछ आंकड़ों का सहारा लेना पर्याप्त नहीं है। आंकड़े दोनों की अलगअलग खूबियां जरूर दिखाते हैं, लेकिन दोनों की तुलना उनके पूरे दौर और योगदान को ध्यान में रखकर ही समझी जा सकती है।

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