क्रेडिट कार्ड आज हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है. जरूरत पड़ने पर यह तुरंत पैसे की मदद करता है और रिवॉर्ड पॉइंट्स जैसे फायदे भी देता है. लेकिन अगर खर्च और बिल का ध्यान न रखा जाए तो यही क्रेडिट कार्ड कर्ज का बोझ बढ़ा सकता है. इसलिए क्रेडिट कार्ड अच्छा या बुरा नहीं है, इसका असर इस बात पर निर्भर करता है कि आप इसे कितनी समझदारी से इस्तेमाल करते हैं.

1. क्रेडिट कार्ड को अपना दोस्त कब समझें
क्रेडिट कार्ड उस समय आपका सबसे अच्छा दोस्त साबित होता है जब आप इसका इस्तेमाल नकद के विकल्प के तौर पर करते हैं. अगर आप हर महीने की नियत तारीख से पहले अपना पूरा बिल चुका देते हैं, तो आपको बिना किसी ब्याज के 45 से 50 दिनों तक की क्रेडिट अवधि मिलती है. इसके अलावा, यात्रा के दौरान लाउंज एक्सेस, हर खरीदारी पर कैशबैक, रिवॉर्ड पॉइंट्स और डिस्काउंट ऑफर्स के जरिए आप अपनी मासिक लागत कम कर सकते हैं. साथ ही, नियमित और सही तरीके से उपयोग करने पर आपका क्रेडिट स्कोर मजबूत होता है, जिससे भविष्य में होम लोन या कार लोन आसानी से मिल जाता है.
2. कर्ज के जाल में कैसे फंसते हैं लोग
क्रेडिट कार्ड के सबसे बड़े खतरे की शुरुआत तब होती है जब लोग अपनी वास्तविक क्षमता से ज्यादा खर्च कर देते हैं. कई लोग बैंक द्वारा दिए गए ‘मिनिमम अमाउंट ड्यू’ के विकल्प को पूरा बिल समझकर सिर्फ 5% से 10% राशि का भुगतान कर देते हैं. बाकी बची राशि पर बैंक 3% से 4% प्रति माह का भारीभरकम ब्याज वसूलते हैं. इसके अलावा, क्रेडिट कार्ड से एटीएम के जरिए नकद निकालना पहले ही दिन से भारी ब्याज और प्रोसेसिंग फीस का कारण बनता है.
3. क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते समय ध्यान रखने योग्य बातें
क्रेडिट कार्ड के नुकसान से बचने के लिए हमेशा अपनी कुल क्रेडिट लिमिट का केवल 30% हिस्सा ही इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है. यदि आपकी महीने की कमाई 50,000 रुपये है तो आपको क्रेडिट कार्ड से 15 हजार से ज्यादा खर्च नहीं करना चाहिए. अपनी खर्च करने की सीमा को अपनी सैलरी या महीने की वास्तविक आय के हिसाब से तय करें और कभी भी इसे अतिरिक्त पैसा मानकर खर्च न करें. अपने बिल का भुगतान हमेशा नियत तारीख से दोतीन दिन पहले ही ‘ऑटोडेबिट’ या ऑनलाइन बैंकिंग के जरिए करें ताकि किसी भी तकनीकी विफलता से बचा जा सके.
4. क्रेडिट कार्ड बनाम डेबिट कार्ड: क्या है बेहतर
डेबिट कार्ड से खर्च करते समय पैसा सीधे आपके बैंक खाते से कटता है, जिससे आप केवल वही खर्च कर सकते हैं जो आपके पास मौजूद है. वहीं क्रेडिट कार्ड आपको उधार पर खर्च करने की सुविधा देता है. अगर आपके पास वित्तीय अनुशासन की कमी है और आप भावनाओं में बहकर खर्च करते हैं, तो डेबिट कार्ड आपके लिए अधिक सुरक्षित विकल्प है. लेकिन अगर आप अपने बजट पर नियंत्रण रख सकते हैं और फ्री ऑफर्स का लाभ उठाना चाहते हैं, तो क्रेडिट कार्ड का सही इस्तेमाल अधिक फायदेमंद साबित होता है.
5. कर्ज के भंवर से निकलने के आसान उपाय
यदि आप पहले से ही क्रेडिट कार्ड के कर्ज में फंस चुके हैं, तो सबसे पहले उस कार्ड का इस्तेमाल तुरंत बंद कर दें. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। अपनी सभी बचत का उपयोग करके सबसे ज्यादा ब्याज वाले कार्ड का भुगतान पहले करें या फिर उस कर्ज को कम ब्याज वाले पर्सनल लोन या ‘बैलेंस ट्रांसफर’ विकल्प के जरिए आसान ईएमआई में बदलवा लें. बैंक से बात करके अपने क्रेडिट कार्ड की सीमा को कम करवाएं ताकि भविष्य में दोबारा गैरजरूरी खर्च करने की गुंजाइश न रहे.