खामेनेई की अंतिम यात्रा के बीच होर्मुज में ईरानी हमले:कतर के टैंकर को निशाना बनाया

खामेनेई की अंतिम यात्रा के बीच होर्मुज में ईरानी हमले:कतर के टैंकर को निशाना बनाया

वॉशिंगटन। पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की अंतिम यात्रा के बीच ईरान ने मंगलवार को होर्मुज में फिर हमले शुरू कर दिए हैं। सरकारी मीडिया IRIB ने दावा किया कि होर्मुज में कतर के तेल टैंकर अलरकायत को निशाना बनाया गया।

खामेनेई की अंतिम यात्रा के बीच होर्मुज में ईरानी हमले:कतर के टैंकर को निशाना बनाया

ईरान ने कहा कि होर्मुज से कमर्शियल जहाज हमारे बताए रास्तों से नहीं गुजर रहे हैं। इसके बिना हम सुरक्षा की गारंटी नहीं दे सकते हैं। ईरान ने कहा कि अभी होर्मुज में हालात वैसे नहीं हुए हैं, जैसे अमेरिकी हमलों से पहले थे।

इधर, अयातुल्लाह अली खामेनेई की अंतिम यात्रा मंगलवार को शियाओं के धार्मिक शहर कोम पहुंची। जनाजे में लाखों लोगों ने लाल कपड़ा चढ़ाया। यह इस्लामिक परंपरा में बदले या खून की मांग का प्रतीक माना जाता है। लाखों लोग उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे। खामेनेई ने शुरुआती इस्लामी शिक्षा यहीं हासिल की थी।

खामेनेई के ताबूत पर उनकी काली पगड़ी रखी गई है। इस्लामी परंपरा में ऐसी पगड़ी सिर्फ बड़े धार्मिक विद्वान पहनते हैं। ताबूत पर ईरान का राष्ट्रीय झंडा भी ओढ़ाया गया है, क्योंकि वे देश के सर्वोच्च नेता थे।

पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स

1. तेहरान में खामेनेई की अंतिम यात्रा में जनसैलाब: तेहरान में निकली अंतिम यात्रा में लाखों लोग जुटे। भारी भीड़ के कारण ताबूत लेकर चल रहा वाहन कई जगह धीमा पड़ा और आजादी स्ट्रीट पर कुछ देर के लिए रुकना भी पड़ा।

2. खामेनेई का पार्थिव शरीर कोम पहुंचा: तेहरान में अंतिम यात्रा के बाद पार्थिव शरीर को धार्मिक रस्मों के लिए कोम ले जाया गया। गुरुवार को उनके गृह नगर मशहद में दफन किया जाएगा।

3. ईरान में खामेनेई के बदले की मांग तेज: अंतिम यात्रा में लाल झंडे और ‘या लथारत अलखामेनेई’ के नारे गूंजे। समर्थकों ने खामेनेई की हत्या का बदला लेने की मांग दोहराई।

4. ईरानी नेताओं की दो टूक चेतावनी: राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने अंतिम यात्रा को खामेनेई के रास्ते पर चलने का संकल्प बताया। सेना प्रमुख अमीर हातमी ने कहा कि हत्या करने वालों का पीछा नहीं छोड़ा जाएगा।

5. इजराइलईरान के बीच बयानबाजी तेज: नेतन्याहू ने कहा कि अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़ पूरे ईरान की आवाज नहीं है। वहीं इराक के शिया नेता अम्मार अलहकीम ने लोगों से अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की।

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