खेत में मिला सिर कटा शव, आखिर कौन है मृतक? पहचान से पहले पुलिस के सामने खड़ी हुई सबसे बड़ी चुनौती

खेत में मिला सिर कटा शव, आखिर कौन है मृतक? पहचान से पहले पुलिस के सामने खड़ी हुई सबसे बड़ी चुनौती
खेत में मिला सिर कटा शव, आखिर कौन है मृतक? पहचान से पहले पुलिस के सामने खड़ी हुई सबसे बड़ी चुनौती

सीतापुर: जिले के संदना थाना क्षेत्र में रविवार सुबह एक खेत से सिर कटा शव मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। प्रथम दृष्टया मामला हत्या का माना जा रहा है। शव की पहचान अब तक नहीं हो सकी है, जबकि पुलिस सिर की तलाश के साथसाथ मृतक की शिनाख्त और हत्यारों तक पहुंचने के लिए कई स्तर पर जांच कर रही है।

जानकारी के अनुसार, संदना थाना क्षेत्र के देवरी खुर्द गांव में स्थित सुरजबली के खेत में ग्रामीणों ने एक अज्ञात व्यक्ति का रक्तरंजित धड़ पड़ा देखा। पास जाकर देखने पर पता चला कि शव का सिर धड़ से अलग था। सूचना मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए।

घटना की जानकारी मिलने पर थानाध्यक्ष मान सिंह पाल पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने आसपास के खेतों और अन्य स्थानों पर सिर की तलाश में सर्च अभियान चलाया, लेकिन देर तक चले अभियान के बावजूद कोई सफलता नहीं मिली।

मामले की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक टीम और क्राइम ब्रांच को भी मौके पर बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य एकत्र कर जांच शुरू कर दी है।

घटनास्थल का निरीक्षण करने पहुंचे अपर पुलिस अधीक्षक दुर्गेश कुमार सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के निष्कर्ष मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

शव की पहचान सबसे बड़ी प्राथमिकता

अज्ञात शव की पहचान के लिए पुलिस आसपास के थानों में दर्ज गुमशुदगी के मामलों का मिलान कर रही है। साथ ही पड़ोसी जिलों से भी लापता लोगों का विवरण जुटाया जा रहा है, ताकि मृतक की पहचान की जा सके।

सिर की तलाश बनी सबसे बड़ी चुनौती

जांच में सबसे बड़ी चुनौती शव का सिर बरामद करना है। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास खेतों, बागों और खाली पड़े इलाकों में व्यापक तलाशी अभियान चलाया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक सिर का कोई सुराग नहीं मिला था।

मोबाइल डेटा से भी तलाशे जा रहे सुराग

पुलिस तकनीकी जांच का भी सहारा ले रही है। घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय मोबाइल नंबरों का डेटा बीटीएस के माध्यम से खंगाला जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि तकनीकी साक्ष्य मामले की गुत्थी सुलझाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

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