टीम इंडिया में जगह बनाना जितना मुश्किल है, उससे कहीं ज्यादा मुश्किल उसे बरकरार रखना होता है। पिछले कुछ समय में कई खिलाड़ियों को लगातार टीम से बाहर रखा गया है, जिसके बाद सवाल उठने लगे हैं कि आखिर मुख्य कोच गौतम गंभीर की योजनाओं में किन खिलाड़ियों की जगह नहीं बन पा रही है। कुछ नाम ऐसे हैं, जिन्हें कभी भारतीय टीम का अहम हिस्सा माना जाता था, लेकिन अब उन्हें लगातार नजरअंदाज किए जाने की चर्चा तेज है।

हालांकि, यह कहना सही नहीं होगा कि गंभीर किसी खिलाड़ी को व्यक्तिगत तौर पर पसंद नहीं करते। टीम चयन में फिटनेस, फॉर्म, टीम कॉम्बिनेशन और भविष्य की योजनाओं जैसे कई पहलू अहम होते हैं। इसके बावजूद लगातार बाहर रहने वाले खिलाड़ियों को लेकर फैंस के बीच सवाल जरूर उठ रहे हैं।
1. श्रेयस अय्यर
श्रेयस अय्यर का नाम इस सूची में सबसे ज्यादा चर्चा में रहता है। वनडे क्रिकेट में शानदार रिकॉर्ड रखने वाले अय्यर ने कई मौकों पर टीम के लिए अहम पारियां खेली हैं। इसके बावजूद टेस्ट और टी20 भारतीय टीम में उनकी स्थिति लगातार बदलती रही है। गंभीर के साथ अय्यर का पुराना जुड़ाव भी रहा है, लेकिन टीम चयन में उन्हें हर फॉर्मेट में लगातार जगह नहीं मिल पाई है। ऐसे में फैंस के बीच यह सवाल उठता रहा है कि आखिर अय्यर टीम मैनेजमेंट की पहली पसंद क्यों नहीं हैं।
2. युजवेंद्र चहल
युजवेंद्र चहल लंबे समय तक भारत की सीमित ओवरों की टीम का अहम हिस्सा रहे हैं। उनकी विकेट लेने की क्षमता को देखते हुए उन्हें कई बार मैच विनर माना गया। लेकिन पिछले कुछ समय से वह भारतीय टीम की योजनाओं से बाहर दिखाई दे रहे हैं। टीम इंडिया में स्पिन विभाग में नए विकल्पों को मौका मिलने के कारण चहल की वापसी मुश्किल होती गई है।
3. संजू सैमसन
संजू सैमसन का नाम भी लंबे समय से चर्चा में है। प्रतिभाशाली बल्लेबाज होने के बावजूद उन्हें भारतीय टीम में लगातार मौके नहीं मिले। विकेटकीपरबल्लेबाज के रूप में प्रतिस्पर्धा बढ़ने के कारण उनका स्थान भी स्थायी नहीं हो पाया। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। हालांकि, हालिया प्रदर्शन के आधार पर टीम मैनेजमेंट उन्हें दोबारा मौका दे सकता है।
4. रजत पाटीदार
रजत पाटीदार ने घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में अपनी बल्लेबाजी से प्रभावित किया है, लेकिन भारतीय टीम में वह अपनी जगह पक्की नहीं कर सके। लगातार बदलते कॉम्बिनेशन के बीच उन्हें भी टीम से बाहर रहना पड़ा है। अब इन चारों खिलाड़ियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती यही है कि वे घरेलू क्रिकेट या आईपीएल में दमदार प्रदर्शन कर टीम मैनेजमेंट को अपनी ओर दोबारा आकर्षित करें। आखिरकार भारतीय टीम में वापसी का सबसे मजबूत रास्ता प्रदर्शन ही है।